‘अमर शहीदों की कुर्बानी याद करे हिंदुस्तानी’
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हमें उनकी कुर्बानी को नहीं भूलनी चाहिए। मंडलायुक्त राजन शुक्ल ने कहा कि अमर शहीदों पर लिखे गए लेख, गजल-गीत आज भी नई पीढ़ी को रोमांचित करते हैं। बार काउंसिल आफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बीसी मिश्र ने कहा कि क्रांतिकारियों को कानून द्वारा शहीद का दर्जा प्राप्त कराने की पहल सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार को करनी चाहिए। समारोह अध्यक्ष राजू मरकरी ने शहीदों के अदम्य साहस को नमन किया। गायक संजय मित्रा ने देशभक्ति गानों से लोगों को भाव विभोर कर दिया। धनंजय, शाश्वत, नजीब इलाहाबादी शकील फूलपुरी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति पर केंद्रित कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
जयहिंद फाउंडेशन की ओर से आजाद पार्क में मोमबत्ती और मशालें जलाकर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरा पार्क मोमबत्ती और मशालों की रोशनी से जगमगाता रहा। ‘तुम्हें भुला कर जिंदा हैं शहीदों हम शर्मिंदा हैं’, ‘अमर शहीदों की कुर्बानी याद करे हिंदुस्तानी’ जैसे नारों से पार्क गूंजता रहा। फाउंडेशन के राजू ने कहा कि शहीदों की धरोहर को मिटाना भ्रष्ट राजनीतिज्ञों की साजिश है। हमारी नई पीढ़ी अपने देश पर जान न्यौछावर करने वालों की शहीदों के जीवन मूल्यों एवं आदर्शों से वंचित होती जा रही है। कार्यक्रम में विवेक, दिलीप, आशुतोष, रविंद्र, वेद, विद्यासागर, विमल, डॉ. अजय, सौरभ, प्रहलाद आदि लोग मौजूद रहे। जल संस्थान कर्मचारी यूनियन की ओर से मुट्ठीगंज जोनल कार्यालय पर शहीदों को नमन किया।
सदस्यों ने कहा कि जिस तरह से मनमाने तरीके से साम्राज्यवाद एवं पूंजीवादी नीतियां थोप दी जा रही है, इससे आम जन गहरे संकट से जूझ रहा है। इससे निपटने के लिए आम जन, किसान, छात्र, नौजवानों को लामबंद होने की जरूरत है। इस दौरान राम सिंह, प्रदीप गौड़, श्रीचंद्र पासी, जमालउद्दीन, मो. अली, ओम प्रकाश त्रिपाठी, ज्ञान सिंह, भानु प्रताप आदि लोग मौजूद रहे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से शहीदों को नमन किया गया। पार्टी की ओर से 23 मार्च को क्रांति दिवस घोषित करने की मांग की गई। इस दौरान नसीम अंसारी, राम सागर, रामचंद्र यादव आदि रहे।