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बसपा के साथ दिलों का गठबंधन : अखिलेश
Mon, 06 May 2019 01:11 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 06 May 2019 01:11 AM IST
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अखिलेश यादव
- फोटो : SELF
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इलाहाबाद और फूलपुर के सपा प्रत्याशियों के समर्थन में रविवार को हुई सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा के हर सियासी वार का जवाब दिया। साथ ही रोजगार, आवारा पशुओं से दुर्घटना जैसे मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरा भी। बसपा के साथ दिलों का गठबंधन होने की बात कर किसी तरह की दरार को सिरे खारिज किया तो लोकसभा चुनाव के इस मंच से वह मुख्यमंत्री की कुर्सी को भी साधते दिखे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ योगी सरकार पर भी कटाक्ष किए। हालांकि, अखिलेश ने सभ के दौरान कांग्रेस का एक बार भी नाम नहीं लिया।
फूलपुर संसदीय क्षेत्र में पैगम्बरपुर बाग तथा इलाहाबाद में करछना के मुंगारी बाग में आयोजित दोनों सभाओं में अखिलेश ने संबोधन की शुरुआत गठबंधन की मजबूती से की। कहा, यह गठबंधन अटूट है और इसकी नींव को फूलपुर के लोगों ने ही मजबूती दी है। फूलपुर के लोगों ने ही उपचुनाव में नागेंद्र सिंह पटेल को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी और यह जीत इस गठबंधन की मजबूती का आधार बनी। अखिलेश प्रधानमंत्री से ज्यादा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमलावर दिखे। उन्होंने कहा, हमारी लड़ाई तो मुख्यमंत्री बाबा से है। यह सरकार नशे में है। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में टोटी देखी थी, हम चिलम देखेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, हमें भैंसवाला कहा गया, लेकिन यह भी सच है कि संविधान न होता तो बाबा मंदिर में घंटा बजा रहे होते। आगे कहा, बाबा लैपटाप नहीं चला पाते, इसलिए युवाओं को लैपटाप नहीं बांटा।
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फूलपुर संसदीय क्षेत्र में पैगम्बरपुर बाग तथा इलाहाबाद में करछना के मुंगारी बाग में आयोजित दोनों सभाओं में अखिलेश ने संबोधन की शुरुआत गठबंधन की मजबूती से की। कहा, यह गठबंधन अटूट है और इसकी नींव को फूलपुर के लोगों ने ही मजबूती दी है। फूलपुर के लोगों ने ही उपचुनाव में नागेंद्र सिंह पटेल को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी और यह जीत इस गठबंधन की मजबूती का आधार बनी। अखिलेश प्रधानमंत्री से ज्यादा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमलावर दिखे। उन्होंने कहा, हमारी लड़ाई तो मुख्यमंत्री बाबा से है। यह सरकार नशे में है। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में टोटी देखी थी, हम चिलम देखेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, हमें भैंसवाला कहा गया, लेकिन यह भी सच है कि संविधान न होता तो बाबा मंदिर में घंटा बजा रहे होते। आगे कहा, बाबा लैपटाप नहीं चला पाते, इसलिए युवाओं को लैपटाप नहीं बांटा।
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