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नियुक्ति में फर्जीवाड़ा, एक शिक्षिका निलंबित
Tue, 01 Sep 2020 03:03 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Prayagraj
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 03:03 PM IST
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नियुक्ति में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने गौतम बुद्ध नगर स्थित मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय, बादलपुर की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ। प्रेरणा सिंह को निलंबित कर दिया है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने कुछ दिनों पहले प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर जांच की थी। जिसके बाद 27 मामले संदिग्ध को पाए गए थे। इन सभी संदिग्ध मामलों की गहनता से जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान यह सामने आया कि मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय, बादलपुर में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ।
गौरव सिंह ने अनुसूचित जाति के आधार पर नेट का सर्टिफिकेट प्राप्त किया था, जबकि वास्तव में वह अनुसूचित जाति के नहीं हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ। वंदना शर्मा ने बताया कि फर्जीवाड़ा सामने आने पर संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है और चार्जशीट दी गई है। शिक्षिका को चार्जशीट पर तीन महीने के भीतर अपना जवाब देना होगा और अगर जवाब देने नहीं हुआ तो शिक्षिका की सेवा समाप्त की जा सकती है।)
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उच्च शिक्षा निदेशालय ने कुछ दिनों पहले प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर जांच की थी। जिसके बाद 27 मामले संदिग्ध को पाए गए थे। इन सभी संदिग्ध मामलों की गहनता से जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान यह सामने आया कि मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय, बादलपुर में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ।
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गौरव सिंह ने अनुसूचित जाति के आधार पर नेट का सर्टिफिकेट प्राप्त किया था, जबकि वास्तव में वह अनुसूचित जाति के नहीं हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ। वंदना शर्मा ने बताया कि फर्जीवाड़ा सामने आने पर संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है और चार्जशीट दी गई है। शिक्षिका को चार्जशीट पर तीन महीने के भीतर अपना जवाब देना होगा और अगर जवाब देने नहीं हुआ तो शिक्षिका की सेवा समाप्त की जा सकती है।)
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