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इलाहाबाद-वाराणसी राजमार्ग और होना चाहिए चौड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 02 Aug 2016 01:48 AM IST
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- फोटो : getty images
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इलाहाबाद-वाराणसी राजमार्ग (एनएच-2) और चौड़ा होगा। हाईकोर्ट ने ऐसी मंशा जाहिर करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने हर वर्ष कावंड़ यात्रा के दौरान आवागमन में होने वाली दिक्कत पर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि कावंड़ यात्रा हर साल होती है, इसलिए यह समस्या यहां के लोगों के लिए पुरानी है, फिर सरकार ने इस मार्ग को और चौड़ा क्यों नहीं किया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पहले ही दिन न्यायमूर्ति डीबी भोसले ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि अदालत इसकी मॉनिटरिंग करेगी।
विनोद कालरा द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि फोरलेन हाई-वे के बीच में डिवाइडर है। एक ओर से यातायात कांवरियों के लिए बंद कर देने से पूरा ट्रैफिक दो लेन पर आ जाता है, जबकि सड़क की चौड़ाई न्यूनतम 90 फीट होनी चाहिए। अदालत का मत था कि राजमार्ग दोनों ओर छह-छह लेन का होना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वकील का कहना था कि यह सरकार का नीतिगत फैसला है। उनका काम नीतियों पर अमल करना है। इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दोनों को आठ अगस्त तक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। यह भी कहा है कि इस मामले में कोई जिम्मेदार अधिकारी यदि अदालत को जानकारी देता है तो बेहतर रहेगा। याचिका पर आठ अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
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विनोद कालरा द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि फोरलेन हाई-वे के बीच में डिवाइडर है। एक ओर से यातायात कांवरियों के लिए बंद कर देने से पूरा ट्रैफिक दो लेन पर आ जाता है, जबकि सड़क की चौड़ाई न्यूनतम 90 फीट होनी चाहिए। अदालत का मत था कि राजमार्ग दोनों ओर छह-छह लेन का होना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वकील का कहना था कि यह सरकार का नीतिगत फैसला है। उनका काम नीतियों पर अमल करना है। इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दोनों को आठ अगस्त तक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। यह भी कहा है कि इस मामले में कोई जिम्मेदार अधिकारी यदि अदालत को जानकारी देता है तो बेहतर रहेगा। याचिका पर आठ अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
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