Allahabad University Violence : अल्टीमेटम की मियाद पूरी, बड़े आंदोलन की तैयारी में छात्र, प्रशासन अलर्ट मोड पर
इविव में हुए बवाल के बाद छात्रों ने मांग की थी कि दोषी सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, सुरक्षा एजेंसी का लाइसेंस निरस्त किया जाए और छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए। छात्रों की ये तीनों ही मांगें पूरी नहीं हुईं।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में हुए बवाल के बाद छात्रों की ओर से दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम बृहस्पतिवार को पूरा हो गया। इस दौरान छात्रों की कोई मांग पूरी नहीं हुई। छात्र नेताओं ने शुक्रवार को छात्रसंघ भवन में सभी छात्र संगठनों की आपात बैठक बुला ली है, जिसमें बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार होगी। इविव में हुए बवाल के बाद छात्रों ने मांग की थी कि दोषी सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, सुरक्षा एजेंसी का लाइसेंस निरस्त किया जाए और छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए। छात्रों की ये तीनों ही मांगें पूरी नहीं हुईं। विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। 48 घंटे का अल्टीमेट पूरा होने के बाद बृहस्पतिवार को छात्र नेताओं ने ऑनलाइन बैठक की।
इसमें तय हुआ कि 23 दिसंबर को सुबह 11 बजे छात्रसंघ भवन पर सभी छात्र संगठनों की एक आपात बैठक की जाएगी और बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। आपातकालीन बैठक में बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की संभावना है। ऐसे में परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती होगी। ऑनलाइन बैठक में छात्र नेता अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अजय यादव सम्राट, रजनीश सिंह रिशू, विवेकानंद पाठक, नीरज प्रताप सिंह, सत्यम कुशवाहा आदि शामिल रहे।
गेट, दफ्तरों से हटाए गए सुरक्षा गार्ड
इविवि परिसर में हुए छात्रों और सुरक्षा गार्डों के बीच हुई भिड़ंत के बाद विश्वविद्यालय के गेट और प्रमुख दफ्तरों के बारह से सुरक्षा गार्डों को हटा लिया गया है। बृहस्पतिवार को परीक्षा नियंत्रक कार्यालय, डीएसडब्ल्यू कार्यालय, रजिस्ट्रार दफ्तर, वीसी दफ्तर के बाहर कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं किया गया। छात्रसंघ भवन के सामने परिसर में प्रवेश के लिए गेट भी खुला रहा। इविवि के सुरक्षा गार्डों की जगह पुलिस फोर्स तैनात रही। अन्य गेटों पर भी सुरक्षा गार्ड नजर नहीं आए।
इविवि खुलने से पहले मामला शांत कराने की कोशिश
शीतलाकालीन अवकाश के बाद जनवरी के पहले सप्ताह में इविवि खुलेगा। जिला और पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि विश्वविद्यालय खुलने से पहले ही किसी तरह मामले को सुलझा लिया जाए। यह आशंका भी जताई जा रही है कि सुरक्षा गार्डों और छात्रों का आमना-सामना होने से मामला भड़क सकता है।
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने छात्रों को दिया समर्थन
अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईपीएस अधिकार अमिताभ ठाकुर ने छात्रों को अपना समर्थन दिया है। अधिकार सेना के मंडल अध्यक्ष श्याम कृष्ण द्विवेदी एवं जिलाध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर जाकर छात्र नेता अजय यादव सम्राट को अमिताभ ठाकुर का एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने इविवि में कई माह से हो रहीं घटनाओं की निंदा करते हुए विश्वविद्यालय में बीते सोमवार को हुई घटना के लिए इविवि प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। अमिताभ ठाकुर छह जनवरी को धरना स्थल पर भी आएंगे।