{"_id":"610acc0e7b6a884aa7205778","slug":"allahabad-university-to-give-honorary-degree-to-lyricist-gulzar","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गीतकार गुलजार को मानद उपाधि देगा इलाहाबाद विश्वविद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गीतकार गुलजार को मानद उपाधि देगा इलाहाबाद विश्वविद्यालय
Wed, 04 Aug 2021 10:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:49 PM IST
सार
- दीक्षांत समारोह में एक साथ दो सत्र के मेधावियों को मिलेंगे पदक, पीएचडी की उपाधि
- विश्वविद्यालय की एकेडमिक कौंसिल की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
विज्ञापन
गीतकार गुलजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की ओर से 23 सितंबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में गीतकार गुलजार को डी लिट् की मान उपाधि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही समारोह में एक साथ दो सत्रों वर्ष 2018-19 और 2019-20 के मेधावियों को पदक और इन सत्रों में पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने वालों को उपधि दी जाएगी। यह निर्णय बुधवार को कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक कौंसिल की बैठक में लिया गया।
विज्ञापन
कोविड के कारण इविवि में पिछले साल दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं हो सका था। एकेडमिक कौंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र 2018-19 और 2019-20 के सभी पीएचडी धारकों को उपाधि प्रदान की जाएगी और इन दोनों सत्रों के मेधावियों को भी गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। दीक्षांत समारोह के अवसर पर गीतकार गुलजार को कविता, फिल्म एवं संस्कृति में उनके योगदान के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से डीलिट् की मानद उपाधि प्रदान किए जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। समारोह में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालय की रेक्टर एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, चेयरमैनए यूजीसी प्रो. डीपी सिंह और कुलाधिपति आशीष चौहान ने अपनी सहमति दे दी है।
विज्ञापन
prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
इविवि में राष्ट्र निर्माण, समाजसेवा की भी होगी पढ़ाई
बैठक में नई शिक्षा नीति पर आधारित चार साल के स्नातक कार्यक्रम में प्रस्तावित ऐच्छिक और बुनियादी पाठ्यक्रम का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया। कोर्स के मल्टीपल एंट्री और एग्जिट प्वाइंट होंगे। कोर्स कौशल विकास पर केंद्रित होगा। इसमें दो क्रेडिट प्वाइंट का एक कंपलसरी कोर्स होगा, जो राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा से जुड़ा हुआ होगा। एक फाउंडेशन कोर्स होगा और एक कौशल विकास का कोर्स होगा। फाउंडेशन कोर्स चुनने के लिए छात्र के पास दो विकल्प होंगे।
पहले विकल्प में वह अंग्रेजी भाषा और सॉफ्ट स्किल या किसी एक भारतीय भाषा में से चुनाव कर सकता है। दूसरे में उसके पास भारतीय सभ्यता, पर्यावरण अध्ययन और कंप्यूटर एप्लीकेशन में से किसी एक के चुनाव का विकल्प होगा। इसके अलावा 10 ऐच्छिक विषयों का प्रस्ताव किया गया, जिनमें बुनियादी गणित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मानवीय बायोकेमिस्ट्री, औषधीय वृक्ष एवं पौधे, वैज्ञानिक खोज, भारतीय शास्त्रीय संगीत, भारतीय संविधान के बुनियादी सिद्धांत, आपदा प्रबंधन पर्यावरण के मुद्दे और जलवायु परिवर्तन, भारतीय इतिहास का परिचय एवं अर्थशास्त्र के तत्व शामिल हैं।
इविवि के ध्येय वाक्य के संस्कृत अनुवाद पर लगी मुहर
इविवि के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर उमाकांत यादव ने दो जून को प्रस्ताव भेजा था कि विश्वविद्यालय का ध्येय वाक्य (कोट रैमी टोट अरबोरस्य) को संस्कृत में भी कर दिया जाए। सुझाव दिया गया था कि इसकी जगह ध्येय वाक्य ‘यावत्य: शाखा: तावन्तो वृक्षा: या यावत्य: शाखास्तावन्तो वृक्षा:’ कर दिया जाए। इस पर एकेडमिक कौंसिल अपनी मुहर लगा दी।
नई एंबुलेंस लेगा इविवि, स्वास्थ्य सेवाओं में होगी बढ़ोतरी
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय की दो मौजूदा एंबुलेंस को ठीक करवाया गया है और एक नई एंबुलेंस भी मंगाई जा रही है। कौंसिल की बैठक में यह भी तय हुआ कि शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए दूसरी लहर में आई परेशानियों के मद्देनजर विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी।
बैठक में नई शिक्षा नीति पर आधारित चार साल के स्नातक कार्यक्रम में प्रस्तावित ऐच्छिक और बुनियादी पाठ्यक्रम का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया। कोर्स के मल्टीपल एंट्री और एग्जिट प्वाइंट होंगे। कोर्स कौशल विकास पर केंद्रित होगा। इसमें दो क्रेडिट प्वाइंट का एक कंपलसरी कोर्स होगा, जो राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा से जुड़ा हुआ होगा। एक फाउंडेशन कोर्स होगा और एक कौशल विकास का कोर्स होगा। फाउंडेशन कोर्स चुनने के लिए छात्र के पास दो विकल्प होंगे।
पहले विकल्प में वह अंग्रेजी भाषा और सॉफ्ट स्किल या किसी एक भारतीय भाषा में से चुनाव कर सकता है। दूसरे में उसके पास भारतीय सभ्यता, पर्यावरण अध्ययन और कंप्यूटर एप्लीकेशन में से किसी एक के चुनाव का विकल्प होगा। इसके अलावा 10 ऐच्छिक विषयों का प्रस्ताव किया गया, जिनमें बुनियादी गणित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मानवीय बायोकेमिस्ट्री, औषधीय वृक्ष एवं पौधे, वैज्ञानिक खोज, भारतीय शास्त्रीय संगीत, भारतीय संविधान के बुनियादी सिद्धांत, आपदा प्रबंधन पर्यावरण के मुद्दे और जलवायु परिवर्तन, भारतीय इतिहास का परिचय एवं अर्थशास्त्र के तत्व शामिल हैं।
इविवि के ध्येय वाक्य के संस्कृत अनुवाद पर लगी मुहर
इविवि के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर उमाकांत यादव ने दो जून को प्रस्ताव भेजा था कि विश्वविद्यालय का ध्येय वाक्य (कोट रैमी टोट अरबोरस्य) को संस्कृत में भी कर दिया जाए। सुझाव दिया गया था कि इसकी जगह ध्येय वाक्य ‘यावत्य: शाखा: तावन्तो वृक्षा: या यावत्य: शाखास्तावन्तो वृक्षा:’ कर दिया जाए। इस पर एकेडमिक कौंसिल अपनी मुहर लगा दी।
नई एंबुलेंस लेगा इविवि, स्वास्थ्य सेवाओं में होगी बढ़ोतरी
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय की दो मौजूदा एंबुलेंस को ठीक करवाया गया है और एक नई एंबुलेंस भी मंगाई जा रही है। कौंसिल की बैठक में यह भी तय हुआ कि शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए दूसरी लहर में आई परेशानियों के मद्देनजर विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी।