इलाहाबाद विश्वविद्यालय : जुर्माने के खिलाफ छात्र करेंगे सविनय अवज्ञा आंदोलन
शनिवार को हुई छात्रों की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। छात्रों का कहना है कि कोरोना के चलते वह घर नहीं जा सके। इसके कारण वह हॉस्टलों में रुककर पढ़ाई और तैयार कर रहे थे।
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जानें क्या है पूरा मामला...
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टलो में रह रहे छात्रों को जुर्माना भरने और बकाया जमा करने का प्रमाण देने के बाद ही डिग्री प्रदान की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले दिनों हॉस्टल में रह रहे छात्रों पर प्रति माह पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। छात्रों ने जुर्माने की रकम जमा नहीं की है। अब इविवि प्रशासन की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि छात्र पहले जुर्माना अदा करें, इसके बाद डिग्री दी जाएगी।
इविवि के हॉस्टलों पर बिजली बिल के सात करोड़ 55 लाख से 23 हजार 907 रुपये बकाया हैं। कोविड के कारण इविवि प्रशासन ने हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया रोक रखी है, इसके बावजूद हॉस्टलों में बड़ी संख्या में छात्र रह रहे हैं। कुछ दिनों पहले इविवि प्रशासन की बैठक में निर्णय लिया गया था कि हॉस्टल न छोडने वाले छात्रों से प्रति माह पांच हजार रुपये जुर्माना लिया जाए और इस रकम से बिजली का बिल अदा किया जाए। इस बाबत रजिस्ट्रार ने पांच अगस्त को नोटिफिकेशन भी जारी किया था।
जुर्माना एवं अन्य बकाया जमा न करने पर डीएसडब्ल्यू और हॉस्टल अधीक्षकों की ओर से छात्रों के नाम की सूची परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को भेज दी गई है। इविवि प्रशासन की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र बकाया शीघ्र जमा करें और हॉस्टल से रसीद प्राप्त करने के बाद डीएसडब्ल्यू कार्यालय को उपलब्ध कराएं। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में सर्टिफिकेट प्राप्त होने के बाद ही संबंधित छात्रों को उनकी डिग्री प्रदान की जाएगी। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर के अनुसार परीक्षा नियंत्रक की ओर से यह निर्देश आया है कि छात्रों पर जो बकाया है, उसे जमा करके रसीद डीबएसडब्ल्यू कार्यालय में देनी होगी। इसी आधार पर परीक्षा नियंत्रक की ओर से परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी और डिग्री मिलेगी।