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‘आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस’ पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने किया समझौता
Sat, 31 Jul 2021 08:20 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 31 Jul 2021 08:20 PM IST
सार
- स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के इंडस सेतु ग्लोबल फाउंडेशन के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर
- अन्य शैक्षणिक मुद्दों पर हुआ समझौता, शिक्षा एवं उद्योग जगत के साथ मिलकर किया जाएगा काम
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prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के इंडस सेतु ग्लोबल फाउंडेशन के बीच शनिवार को एमओयू पर समझौता किया गया। नई शिक्षा नीति के तहत सूचना प्रौद्योगिकी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विशेष महत्व दिया गया। इस समझौते में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की दिशा में काम करने को एक विस्तृत आधार देने की बात कही गई हैं। इविवि की ओर से कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव व इंडस ग्लोबल फाउंडेशन की तरफ से प्रिया टंडन व डॉ. नंदिनी टंडन ने समझौते पर हस्ताक्षर किया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एपीआरओ चित्तरंजन कुमार ने बताया कि दोनों संस्थाओं के बीच हुए समझौते का उद्देश्य अंत: विषयक तथा शैक्षणिक होगा। उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विश्व स्तर के शिक्षाविदें, उद्योग जगत के अधिकारियों और राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष नेताओं को भी शामिल किया जाएगा। यह सहभागिता कार्यक्रम सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय, सतत विकास सहित अनुसंधान के कई प्रमुख उभरते क्षेत्रों में कार्य करेगा। अनुसंधान के उच्चतम स्तरों के द्वारा रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। साथ ही वैश्विक विचारों को प्रोत्साहित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर काम करना है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एपीआरओ चित्तरंजन कुमार ने बताया कि दोनों संस्थाओं के बीच हुए समझौते का उद्देश्य अंत: विषयक तथा शैक्षणिक होगा। उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विश्व स्तर के शिक्षाविदें, उद्योग जगत के अधिकारियों और राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष नेताओं को भी शामिल किया जाएगा। यह सहभागिता कार्यक्रम सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय, सतत विकास सहित अनुसंधान के कई प्रमुख उभरते क्षेत्रों में कार्य करेगा। अनुसंधान के उच्चतम स्तरों के द्वारा रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। साथ ही वैश्विक विचारों को प्रोत्साहित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर काम करना है।
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