इलाहाबाद विवि : रैगिंग पीड़ित छात्र ने लगाया सनसनीखेज आरोप, हॉस्टल में बम बनाते थे आरोपी छात्र, बेचते थे गांजा
विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में बम बनाए जाने के आरोप काफी पहले से लगते रहे हैं। पूर्व में कई बार छापेमारी के दौरान पुलिस ने हॉस्टलों से विस्फोटक भी बरामद बरामद किए, लेकिन दो साल से हॉस्टल बंद होेने के बावजूद अगर वहां इस तरह की गतिविधियां जारी हैं तो मामला गंभीर हो जाता है।
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इविवि के शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल में रैगिंग के आरोपी हॉस्टल के कमरों में बम बनाते थे और गांजा एवं अन्य नशीने पदार्थों की सप्लाई करते थे। यह आरोप रैगिंग के पीड़ित छात्र ने लगाए हैं और पुलिस की एफआईआर में भी इसका जिक्र किया गया है। पीड़ित छात्र के इस आरोप ने नया विवाद उत्पन्न कर दिया है।
हालांकि विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में बम बनाए जाने के आरोप काफी पहले से लगते रहे हैं। पूर्व में कई बार छापेमारी के दौरान पुलिस ने हॉस्टलों से विस्फोटक भी बरामद बरामद किए, लेकिन दो साल से हॉस्टल बंद होेने के बावजूद अगर वहां इस तरह की गतिविधियां जारी हैं तो मामला गंभीर हो जाता है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर ऐसा हो रहा था तो हॉस्टल प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
छात्रों से वसूली जाती है रंगदारी
एफआईआर में रैगिंग के पीड़ित दिव्यांग छात्र ने यह आरोप लगाए हैं कि उसके पिटाई करने वाले छात्र हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों से वसूली भी करते हैं। हॉस्टल के कमरे में आए दिन इकट्ठा होकर गांजा, शराब आदि नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं और गांजा की सप्लाई भी करते हैं। साथ ही हॉस्टल के कमरे में ही बम बनाते हैं।
आवंटी छात्र भी पुलिस के रडार पर, हुआ लापता
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र से रैगिंग की घटना शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल के जिस कमरे में हुई, उसका मूल आवंटी छात्र भी पुलिस के रडार पर है। फिलहाल घटना के बाद से वह लापता है। कर्नलगंज पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलवाया लेकिन वह नहीं आया।
इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि कमरा अर्चित मिश्रा के नाम से आवंटित है। जिस पर उसे पूछताछ केलिए बुलवाया गया लेकिन वह नहीं आया। फिलहाल उसकी तलाश की जा रही है। यह बात भी सामने आई है कि घटना में ताराचंद हॉस्टल के कुछ छात्रों के भी शामिल रहे। इसकी जांच की जा रही है।