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वीसी के बाद अब बदल सकते हैं कई अफसर
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Allahabad university news
पीआरओ के बाद कुछ अन्य फेरबदल के भी मिल रहे संकेत
महिला आयोग ने की थी अधीक्षिकाओं को हटाने की सिफारिश
प्रयागराज, 19 जनवरी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति पद पर बदलाव के बाद अब कई अफसर भी बदले जा सकते हैं। पीआरओ के बाद कुछ अन्य फेरबदल के संकेत भी मिल रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से सभी महिला हॉस्टलों की अधीक्षिकाओं को बदले जाने की सिफारिश पर भी इविवि प्रशासन ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू पर आरोप था कि वह कुछ ऐसे अफसरों से घिरे हुए थे, जो एक कॉकस के रूप में काम करते हैं। यूजीसी की ओर से भेजी गई जांच समिति ने भी इस मंडली पर सवाल उठाए थे। वहीं, इविवि के महिला हॉस्टलों का निरीक्षण करने आई टीम ने भी इस ओर इशारा किया था। टीम ने इविवि के पूर्व पीआरओ डॉ. चितरंजन सिंह पर अमर्यादित आचरण का भी आरोप लगाया था। हालांकि प्रो. हांगलू के जाने के बाद नए कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने जैसे ही चार्ज संभाला, उन्होंने डॉ. चितरंजन का इस्तीफा मंजूर करते हुए पीआरओ के पद से उन्हें हटा दिया।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने हॉस्टलों में अधीक्षिकाओं के व्यवहार पर भी सवाल उठाए थे और सिफारिश की थी कि सभी महिला हॉस्टलों की अधीक्षिकाओं को तत्काल बदल दिया जाए। हालांकि इविवि प्रशासन ने अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं, प्रो. हांगलू के करीबी एवं प्रशासनिक पदों पर बैठे अफसरों में भी कुछ को इधर से उधर किए जाने की चर्चाएं तेज हुईं हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय में आने वाले दिनों में कुछ और फेरबदल भी देखने को मिल सकते हैं।
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महिला आयोग ने की थी अधीक्षिकाओं को हटाने की सिफारिश
प्रयागराज, 19 जनवरी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति पद पर बदलाव के बाद अब कई अफसर भी बदले जा सकते हैं। पीआरओ के बाद कुछ अन्य फेरबदल के संकेत भी मिल रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से सभी महिला हॉस्टलों की अधीक्षिकाओं को बदले जाने की सिफारिश पर भी इविवि प्रशासन ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू पर आरोप था कि वह कुछ ऐसे अफसरों से घिरे हुए थे, जो एक कॉकस के रूप में काम करते हैं। यूजीसी की ओर से भेजी गई जांच समिति ने भी इस मंडली पर सवाल उठाए थे। वहीं, इविवि के महिला हॉस्टलों का निरीक्षण करने आई टीम ने भी इस ओर इशारा किया था। टीम ने इविवि के पूर्व पीआरओ डॉ. चितरंजन सिंह पर अमर्यादित आचरण का भी आरोप लगाया था। हालांकि प्रो. हांगलू के जाने के बाद नए कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने जैसे ही चार्ज संभाला, उन्होंने डॉ. चितरंजन का इस्तीफा मंजूर करते हुए पीआरओ के पद से उन्हें हटा दिया।
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने हॉस्टलों में अधीक्षिकाओं के व्यवहार पर भी सवाल उठाए थे और सिफारिश की थी कि सभी महिला हॉस्टलों की अधीक्षिकाओं को तत्काल बदल दिया जाए। हालांकि इविवि प्रशासन ने अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं, प्रो. हांगलू के करीबी एवं प्रशासनिक पदों पर बैठे अफसरों में भी कुछ को इधर से उधर किए जाने की चर्चाएं तेज हुईं हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय में आने वाले दिनों में कुछ और फेरबदल भी देखने को मिल सकते हैं।
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