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Allahabad University : लगातार दूसरे वर्ष इविवि में नहीं बन सकी छात्रों की सरकार
Sat, 26 Dec 2020 07:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 26 Dec 2020 07:56 PM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में न तो छात्र परिषद का गठन हो सका और न ही छात्रसंघ की बहाली। विश्वविद्यालय में छात्र परिषद का विरोध हो रहा है और छात्रसंघ बहाली की मांग पर छाड़ अड़े हैं। डेढ़ सौ दिनों से अधिक समय से छात्रों का अनशन जारी है। लेकिन, मौजूदा सत्र में विश्वविद्यालय में छात्रों की सरकार बनने की अब कोई उम्मीद नहीं रह गई है। वहीं, इस मुद्दे पर छात्र विश्वविद्यालय खुलने पर आंदोलन तेज करने की तैयारी में हैं।
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पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के कार्यक्रम में इविवि में छात्रसंघ को समाप्त कर छात्र परिषद के गठन का निर्णय लिया गया था। विश्वविद्यालय के साथ संघटक महाविद्यालयों में भी छात्र परिषद का चुनाव कराया गया था, लेकिन विरोध इतना जबर्दस्त था कि विश्वविद्यालय में छात्र परिषद का चुनाव लडने के लिए कोई दावेदार सामने नहीं आया। संघटक महाविद्यालयों की भी यही स्थिति रही।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : Getty
हालांकि सीएमपी डिग्री कॉलेज में छात्र परिषद का गठन हुआ, लेकिन ज्यादातर पद दावेदार न मिलने के कारण खाली रह गए। विश्वविद्यालय में अमूमन सितंबर या अक्तूबर को छात्रसंघ का चुनाव करा दिया जाता था, लेकिन इस बार साल बीतने को है और चुनाव की कोई उम्मीद नहीं। विश्वविद्यालय में दो साल से छात्रों की सरकार नहीं बनी है।
पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने कार्यभार संभालते वक्त छात्रसंघ बहाली की वकालत की थी और इसके लिए उन्होंने एक कमेटी का गठन भी कर दिया था, लेकिन महीनों बाद भी कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे सकी। कोविड के दौर में परिस्थितियां तेजी से बदलीं और विश्वविद्यालय प्रशासन को अब पूरा ध्यान सत्र को समय से पूरा करने पर है। ऐसे में वर्तमान सत्र में छात्रसंघ बहाली पर कोई निर्णय हो पाना अब मुश्किल नजर आ रहा है। वहीं, छात्रसंघ बहाली के लिए चल रहे अनशन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता अजय यादव सम्राट का कहना है कि विश्वविद्यालय खुलने के बाद इस मुद्दे पर आंदोलन तेज होगा और छात्रों की महापंचायत बुलाई जाएगी।
पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने कार्यभार संभालते वक्त छात्रसंघ बहाली की वकालत की थी और इसके लिए उन्होंने एक कमेटी का गठन भी कर दिया था, लेकिन महीनों बाद भी कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे सकी। कोविड के दौर में परिस्थितियां तेजी से बदलीं और विश्वविद्यालय प्रशासन को अब पूरा ध्यान सत्र को समय से पूरा करने पर है। ऐसे में वर्तमान सत्र में छात्रसंघ बहाली पर कोई निर्णय हो पाना अब मुश्किल नजर आ रहा है। वहीं, छात्रसंघ बहाली के लिए चल रहे अनशन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता अजय यादव सम्राट का कहना है कि विश्वविद्यालय खुलने के बाद इस मुद्दे पर आंदोलन तेज होगा और छात्रों की महापंचायत बुलाई जाएगी।