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इविवि कर्मियों को मिले बोनस की होगी वसूली
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Allahabad University emloyees bonus revery order
-सीएजी टीम की ऑडिट आपत्ति के बाद लिया गया रिकवरी का निर्णय
- नियम विरुद्ध दो साल तक हुआ था भुगतान, यूजीसी ने भी की थी आपत्ति
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में कर्मचारियों को दिए गए बोनस की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। नियम विरुद्ध हुए भुगतान पर पहले यूजीसी ने आपत्ति करते हुए वसूली के निर्देश दिए थे और इसके बाद सीएजी टीम ने भी बोनस के भुगतान पर ऑडिट आपत्ति कर दी। इसी के मद्देनजर कर्मचारियों को दिए गए बोनस की रिवकरी का निर्णय लिया गया है।
कर्मचारियों को वर्ष 2015-16 और 2016-17 में बोनस का भुगतान किया गया था। वर्ष 2017 में यूजीसी की ओर से पत्र जारी करते हुए बोनस के भुगतान को नियम विरुद्ध बताया गया था और कहा गया था कि जिन कर्मचारियों को बोनस नहीं मिला है, उन्हें भुगतान न किया जाए और जिन्हें बोनस मिल चुका है उनसे वसूली की जाए। हालांकि तीन साल तक मामला दबा रहा और कोई वसूली नहीं की गई। इस बीच सीएजी की टीम ने भी बोनस के भुगतान पर ऑडिट आपत्ति कर दी और इस भुगतान को नियम विरुद्ध बताया।
मामला बढने के बाद इविवि प्रशासन ने शुक्रवार को कर्मचारियों से वसूली के लिए निर्देश जारी कर दिए। इसके तहत जिन कर्मचारियों को एचआरए के एरियर का भुगतान होना बाकी है, उनके एरियर से बोनस की धनराशि वसूली जाएगी। जिन कर्मचारियों को एचआरए का एरियर नहीं मिलना है, उनके वेतन से रिकवरी होगी और जो कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं, उन्हें दी जाने वाली महंगाई राहत (डीआर) से बोनस की वसूली की जाएगी।
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- नियम विरुद्ध दो साल तक हुआ था भुगतान, यूजीसी ने भी की थी आपत्ति
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में कर्मचारियों को दिए गए बोनस की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। नियम विरुद्ध हुए भुगतान पर पहले यूजीसी ने आपत्ति करते हुए वसूली के निर्देश दिए थे और इसके बाद सीएजी टीम ने भी बोनस के भुगतान पर ऑडिट आपत्ति कर दी। इसी के मद्देनजर कर्मचारियों को दिए गए बोनस की रिवकरी का निर्णय लिया गया है।
कर्मचारियों को वर्ष 2015-16 और 2016-17 में बोनस का भुगतान किया गया था। वर्ष 2017 में यूजीसी की ओर से पत्र जारी करते हुए बोनस के भुगतान को नियम विरुद्ध बताया गया था और कहा गया था कि जिन कर्मचारियों को बोनस नहीं मिला है, उन्हें भुगतान न किया जाए और जिन्हें बोनस मिल चुका है उनसे वसूली की जाए। हालांकि तीन साल तक मामला दबा रहा और कोई वसूली नहीं की गई। इस बीच सीएजी की टीम ने भी बोनस के भुगतान पर ऑडिट आपत्ति कर दी और इस भुगतान को नियम विरुद्ध बताया।
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मामला बढने के बाद इविवि प्रशासन ने शुक्रवार को कर्मचारियों से वसूली के लिए निर्देश जारी कर दिए। इसके तहत जिन कर्मचारियों को एचआरए के एरियर का भुगतान होना बाकी है, उनके एरियर से बोनस की धनराशि वसूली जाएगी। जिन कर्मचारियों को एचआरए का एरियर नहीं मिलना है, उनके वेतन से रिकवरी होगी और जो कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं, उन्हें दी जाने वाली महंगाई राहत (डीआर) से बोनस की वसूली की जाएगी।
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