इलाहाबाद विवि : फीस वृद्धि को विरोध में आंदोलनकारी छात्रों ने कैंपस के गेटों पर लगाया ताला
आंदोलनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी गेटों पर ताला लगा दिया। इसको लेकर पुलिस और छात्रों के बीच काफी बहस हुई। छात्र किसी भी दशा में फीसवृद्धि को वापस करने की मांग पर अड़े हैं।
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फीस वृद्धि के विरोध में एबीवीपी के छात्रों ने सोमवार सुबह इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) परिसर के सभी गेट बंद करा दिए। शिक्षकों को परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया। वहीं, छात्राएं भी आंदोलन में कूद पड़ीं और आमरण अनशन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। पूर्व आईपीएस अधिकारी भी समर्थन देने अनशन स्थल पर पहुंचे।
एबीवीपी के छात्रों ने सोमवार सुबह आठ बजे ही कला संकाय परिसर में प्रवेश के लिए सभी मेन गेट बंद करा दिए। सुबह नौ बजे से कक्षाएं शुरू होनी थीं और साढ़े आठ बजे से शिक्षकों का आना शुरू हो गया। शिक्षकों को बाहर ही रोक दिया गया। ऐसे में केपीयूसी के सामने वाली सड़क पर जाम जैसे हालात हो गए। एक घंटा इंतजार करने के बाद कई शिक्षक लौट गए। इविवि प्रशासन ने पुलिस से मदद मांगी।
दस बजे के आसपास पुलिस के हस्तक्षेप पर छात्रसंघ भवन के सामने मेन गेट के बगल में स्थित छोटा गेट खोला गया। इसके बाद केपीयूसी हॉस्टल के सामने वाला गेट खुलवाया गया और फिर एडीएम सिटी के पहुंचने पर केंद्रीय पुस्तकालय के सामने वाला गेट खुला। 11 बजे के आसपास परिसर में आवाजाही शुरू हुई और इसी वजह से ज्यादातर कक्षाएं नहीं चल पाईं। इस दौरान एबीवीपी ने कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय पुस्तकालय भी बंद करा दिया था।
परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। इस दौरान पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और समाजसेविका नूतन ठाकुर छात्रसंघ भवन के सामने संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से जारी आमरण अनशन में शामिल हुए। वहां उन्होंने छात्रों को अपना समर्थन दिया। इसके बाद डीएसडब्ल्यू कार्यालय पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं के अनशन में शामिल हुए और समर्थन दिया।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. ऋचा सिंह के नेतृत्व में महिला हॉस्टल की भी 100 से अधिक छात्राएं छात्रसंघ भवन के सामने अनशन स्थल पर पहुंची और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। विधान परिषद सदस्य डॉ. मान सिंह यादव, सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष योगेश यादव भी समर्थन देने पहुंचे। अनशन में छात्र नेता अजय यादव सम्राट, अखिलेश यादव, अजय पांडेय बागी, सारस्वत नितिन भूषण एवं सिद्धार्थ गोलू बैठे हैं।