Allahabad University : रेगुलर संग पार्ट पीएचडी कोर्स की भी शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया, कुल 350 अभ्यर्थियों ने
रेगुलर के साथ पार्ट टाइम पीएचडी कोर्स में प्रवेश के लिए भी विभाग के स्तर पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्ट टाइम में छह महीने के प्री पीएचडी कोर्स के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है।
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रेगुलर के साथ पार्ट टाइम पीएचडी कोर्स में प्रवेश के लिए भी विभाग के स्तर पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्ट टाइम में छह महीने के प्री पीएचडी कोर्स के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। हालांकि इसका निर्णय विभाग के स्तर पर लिया जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में वर्तमान सत्र से पार्ट टाइम पीएचडी शुरू होने जा रही है। इसमें नौकरीपेशा लोग प्रवेश ले सकते हैं। इस पाठ्यक्रम को लेकर लोगों में काफी रुझान भी दिखा और कुल 350 आवेदन आए हैं। अब विभाग के स्तर पर भी दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभागों की ओर से रेगुलर के साथ पार्ट टाइम पीएचडी के लिए भी पात्र अभ्यर्थियों से संक्षिप्त शोध पत्र व अन्य डॉक्यूमेंट मांगे जा रहे हैं।
वाणिज्य संकाय में तो बृहस्पतिवार से डॉक्यूमेंट का सत्यापन कार्य शुरू हो जाएगा। पहले दिन जेआरएफ और यूजीसी नेट स्कोर से छूट पाने वाले अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट का सत्यापन होगा। पार्ट टाइम के अंतर्गत वाणिज्य विषय से पीएचडी के लिए विभाग में 44 लोगों ने आवेदन किया है। अब इन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बृहस्पतिवार को बुलाया गया है।
पीएचडी में दाखिला लेने वालों के लिए छह महीने का प्री पीएचडी कोर्स अनिवार्य होता है। इसकी कक्षाएं चलती हैं और उसमें स्कॉलर का उपस्थित होना अनिवार्य होता है। चूंकि पार्ट टाइम में पीएचडी कोर्स में नौकरीपेशा लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। ऐसे में उनके सामने प्री पीएचडी कोर्स के लिए छुट्टी लेने की समस्या होगी। ऐसे में इन्हें ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में कोर्स चलाने का विकल्प दिया गया है हालांकि इस पर निर्णय विभागों के स्तर पर लिया जाएगा।
पीएचडी प्रवेश के मानक में लाई जाए एकरूपता
समाजवादी छात्रसभा और आइसा के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को डीएसडब्ल्यू कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर पीएचडी पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता लाने की मांग की। विद्यार्थियों का कहना है कि विभागों के स्तर पर साक्षात्कार के लिए अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे हैं जबकि पूरे विश्वविद्यालय के एक प्रारूप होना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि दिल्ली व अन्य विश्वविद्यालयों में साक्षात्कार के लिए ऑनली पीएचडी अभ्यर्थियों को भी बुलाया जाता है। इस दौरान सुधीर यादव, आशुतोष, अमित, आयुष, मानवेंद्र, सुजीत, शिव, प्रिंस आदि शामिल रहे।