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ग्वालियर के लिए 20 फरवरी को खुल जाएगा नया रास्ता
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:06 AM IST
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इटावा-बटेश्वर-आगरा रेलमार्ग पर यात्री ट्रेन शुरू होने के बाद उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन अब 20 फरवरी से ग्वालियर-भिंड-इटावा रेल मार्ग पर यात्री ट्रेन चलाने जा रहा है। इस रूट पर ट्रेन संचालन केबाद इलाहाबाद से ग्वालियर के लिए एक नया रास्ता मिल जाएगा। इस नए रास्ते से इलाहाबाद की ग्वालियर से दूरी भी कम हो जाएगी।
विदित हो कि पिछले साल दिसंबर माह में ही इटावा-बटेश्वर-आगरा रेलमार्ग पर ट्रेन संचालन शुरू हुआ है। जबकि इस रेलमार्ग के काफी पहले इटावा-भिंड-ग्वालियर रेल मार्ग का निर्माण हुआ लेकिन रेलवे ने इस रूट पर यात्री ट्रेन नहीं चलाई।
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के इस नए रूट पर फिलहाल सिर्फ मालगाड़ी की ही आवाजाही है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के कार्यकाल में ही ग्वालियर-भिंड-इटावा रूट रेल लाइन के प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली थी। पिछले साल ही यह रूट कंपलीट हुआ। इस रूट का ज्यादातर हिस्सा चंबल के बीहड़ों से होकर गुजरता है। अब 20 फरवरी से इस रूट पर यात्री ट्रेन चलनी शुरू होंगी। बताया जा रहा है कि ग्वालियर से भिंड जाने वाली ट्रेन का ही रेलवे इटावा तक विस्तार कर रहा है। बाद में संबंधित रूट पर कुछ अन्य यात्री ट्रेन भी शुरू की जाएगी। इस रूट पर ट्रेन संचालन के साथ ही इलाहाबाद से ग्वालियर के लिए जल्द ही एक नया रास्ता खुल जाएगा।
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एनसीआर का ग्वालियर और भिंड स्टेशन झांसी मंडल एवं इटावा रेलवे स्टेशन इलाहाबाद मंडल के अधीन है। अभी तक इलाहाबाद से ग्वालियर वाया कानपुर-झांसी या मानिकपुर-बांदा-झांसी रूट से पहुंचा जा सकता है। कानपुर-झांसी होकर इलाहाबाद से ग्वालियर की दूरी 511 किलोमीटर है। जबकि मानिकपुर के रास्ते यह दूरी कुल 489 किलोमीटर की है। इस रूट से वर्तमान समय मात्र दो ट्रेनें चंबल एक्सप्रेस और बुंदेलखंड एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। लेकिन इटावा-भिंड-ग्वालियर रूट चालू हो जाने के बाद यह दूरी घटकर 441 किलोमीटर हो जाएगी। बताया जा रहा है कि उद्घाटन समारोह भिंड में ही होगा।
‘20 फरवरी से इस रूट पर यात्री ट्रेन चलाने की तैयारी है। इसके लिए एनसीआर ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।’
00 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर।
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विदित हो कि पिछले साल दिसंबर माह में ही इटावा-बटेश्वर-आगरा रेलमार्ग पर ट्रेन संचालन शुरू हुआ है। जबकि इस रेलमार्ग के काफी पहले इटावा-भिंड-ग्वालियर रेल मार्ग का निर्माण हुआ लेकिन रेलवे ने इस रूट पर यात्री ट्रेन नहीं चलाई।
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के इस नए रूट पर फिलहाल सिर्फ मालगाड़ी की ही आवाजाही है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के कार्यकाल में ही ग्वालियर-भिंड-इटावा रूट रेल लाइन के प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली थी। पिछले साल ही यह रूट कंपलीट हुआ। इस रूट का ज्यादातर हिस्सा चंबल के बीहड़ों से होकर गुजरता है। अब 20 फरवरी से इस रूट पर यात्री ट्रेन चलनी शुरू होंगी। बताया जा रहा है कि ग्वालियर से भिंड जाने वाली ट्रेन का ही रेलवे इटावा तक विस्तार कर रहा है। बाद में संबंधित रूट पर कुछ अन्य यात्री ट्रेन भी शुरू की जाएगी। इस रूट पर ट्रेन संचालन के साथ ही इलाहाबाद से ग्वालियर के लिए जल्द ही एक नया रास्ता खुल जाएगा।
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एनसीआर का ग्वालियर और भिंड स्टेशन झांसी मंडल एवं इटावा रेलवे स्टेशन इलाहाबाद मंडल के अधीन है। अभी तक इलाहाबाद से ग्वालियर वाया कानपुर-झांसी या मानिकपुर-बांदा-झांसी रूट से पहुंचा जा सकता है। कानपुर-झांसी होकर इलाहाबाद से ग्वालियर की दूरी 511 किलोमीटर है। जबकि मानिकपुर के रास्ते यह दूरी कुल 489 किलोमीटर की है। इस रूट से वर्तमान समय मात्र दो ट्रेनें चंबल एक्सप्रेस और बुंदेलखंड एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। लेकिन इटावा-भिंड-ग्वालियर रूट चालू हो जाने के बाद यह दूरी घटकर 441 किलोमीटर हो जाएगी। बताया जा रहा है कि उद्घाटन समारोह भिंड में ही होगा।
‘20 फरवरी से इस रूट पर यात्री ट्रेन चलाने की तैयारी है। इसके लिए एनसीआर ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।’
00 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर।