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बच्चन के नाम पर बने अध्ययन पीठ
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 19 Jan 2016 12:57 AM IST
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प्रयास संस्था की ओर से सोमवार को अभिज्ञान कालेज में डॉ.हरिवंशराय बच्चन की पुण्यतिथि पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। ‘हरिवंश राय बच्चन: इलाहाबाद के झरोखे से’ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गांधी संस्थान के डॉ.अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने कहा, बच्चन ने दस द्वार से सोपान तक से लेकर क्या भूलूं क्या याद करूं जैसी रचनाएं हमें प्रदान कीं।
इविवि में अध्ययन के दौरान ही मधुशाला जैसी कालजयी कृतियों को रचने का वैचारिक और सामाजिक धरातल प्राप्त हुआ। लेखकीय चेहरे से अलग वह सामाजिक सरोकारों के लिए भी प्रतिबद्ध थे। होली में गले में हारमोनियम टांग कर वह पुरानी गलियों में लोगों के साथ आनंद उठाते थे।
इस दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बच्चन के नाम पर एक अध्ययन पीठ की स्थापना की मांग की गई। बतौर अध्यक्ष संयोजक सुमित श्रीवास्तव ने कहा, बच्चन को समग्रता में संजोने, याद करने के लिए गहन शोध की जरूरत है। उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के मंडल अध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन और पं.आशीष तिवारी ने संचालन किया। कार्यक्रम में कृपाशंकर श्रीवास्तव, श्यामलाल तिवारी, राधेश्याम यादव, पवन श्रीवास्तव, योगेंद्र कुमार, राजन श्रीवास्तव, विकास गुप्ता, डॉ. नफीस, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, मुकेश पाल, नर सिंह, अभिषेक सिंह आदि मौजूद रहे।
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इविवि में अध्ययन के दौरान ही मधुशाला जैसी कालजयी कृतियों को रचने का वैचारिक और सामाजिक धरातल प्राप्त हुआ। लेखकीय चेहरे से अलग वह सामाजिक सरोकारों के लिए भी प्रतिबद्ध थे। होली में गले में हारमोनियम टांग कर वह पुरानी गलियों में लोगों के साथ आनंद उठाते थे।
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इस दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बच्चन के नाम पर एक अध्ययन पीठ की स्थापना की मांग की गई। बतौर अध्यक्ष संयोजक सुमित श्रीवास्तव ने कहा, बच्चन को समग्रता में संजोने, याद करने के लिए गहन शोध की जरूरत है। उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के मंडल अध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन और पं.आशीष तिवारी ने संचालन किया। कार्यक्रम में कृपाशंकर श्रीवास्तव, श्यामलाल तिवारी, राधेश्याम यादव, पवन श्रीवास्तव, योगेंद्र कुमार, राजन श्रीवास्तव, विकास गुप्ता, डॉ. नफीस, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, मुकेश पाल, नर सिंह, अभिषेक सिंह आदि मौजूद रहे।
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