{"_id":"18bdfa80e6d75a1dd3f3f37be21611fa","slug":"allahabad-news-hindi-news-658","type":"story","status":"publish","title_hn":"संक्रांति के पुण्यकाल में पहली डुबकी आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संक्रांति के पुण्यकाल में पहली डुबकी आज
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 15 Jan 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार को पुण्यकाल में माघ मेले के पहले मुख्य स्नान पर्व मकर संक्रांति की डुबकी लगेगी लेकिन पारंपरिक तिथि पर बृहस्पतिवार को भी लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। प्रशासन ने तकरीबन 18 लाख स्नानार्थियों के स्नान करने का दावा किया। संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर भोर से ही स्नानार्थियों का जुटना शुरू हो गया था जो देर शाम तक जारी रहा। स्नानार्थियों और कल्पवासियों के आने से मेले में रौनक रही।
विस्तृत बेदिंग और सर्कुलेटिंग एरिया के कारण घाटों पर दबाव नहीं रहा। सुरक्षा के इंतजाम भी जबर्दस्त रहे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगापुत्र घाटियों के यहां यथाशक्ति तिल, गुड, खिचड़ी के अतिरिक्त गोदान किया। स्नानार्थियों के लिए संगम सहित गंगा और यमुना पट्टी में चौदह घाट तैयार कराए गए हैं। ज्योतिर्विदों के मुताबिक सूर्य का मकर राशि में प्रवेश शुक्रवार की सुबह 7.46 बजे होगा। पूरे दिन स्नान किया जा सकेगा, वैसे संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 12,08 बजे तक रहेगा। मकर संक्रांति से कल्पवास शुरू करने वाले श्रद्धालु शुक्रवार को पुण्यकाल में डुबकी के साथ कल्पवास का संकल्प लिया जाएगा। वहीं बतौर ज्योतिष्पीठाधीश्वर भूमि आवंटित न होने से नाराज स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती स्नानपर्व का बहिष्कार किया है।
विज्ञापन
विस्तृत बेदिंग और सर्कुलेटिंग एरिया के कारण घाटों पर दबाव नहीं रहा। सुरक्षा के इंतजाम भी जबर्दस्त रहे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगापुत्र घाटियों के यहां यथाशक्ति तिल, गुड, खिचड़ी के अतिरिक्त गोदान किया। स्नानार्थियों के लिए संगम सहित गंगा और यमुना पट्टी में चौदह घाट तैयार कराए गए हैं। ज्योतिर्विदों के मुताबिक सूर्य का मकर राशि में प्रवेश शुक्रवार की सुबह 7.46 बजे होगा। पूरे दिन स्नान किया जा सकेगा, वैसे संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 12,08 बजे तक रहेगा। मकर संक्रांति से कल्पवास शुरू करने वाले श्रद्धालु शुक्रवार को पुण्यकाल में डुबकी के साथ कल्पवास का संकल्प लिया जाएगा। वहीं बतौर ज्योतिष्पीठाधीश्वर भूमि आवंटित न होने से नाराज स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती स्नानपर्व का बहिष्कार किया है।
विज्ञापन