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मेले के बाद भी जगमगाता रहेगा संगम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 11 Jan 2016 12:14 AM IST
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इस साल माघ मेला नए कलेवर में दिखेगा। मेले के बाद भी संगम क्षेत्र एलईडी और सीएफएल लाइटों से जगमगाता रहेगा। साथ ही टेरोटोरियल आर्मी गंगा की शुद्धता एवं स्वच्छता बनाए रखने के लिए साल भर काम करेगी। खास यह कि माघ मेले की समाप्ति के बाद बड़े पैमाने पर निकलने वाली गंदगी की सफाई के लिए इस बार अलग से बजट आवंटित किया गया है। यह जानकारी कमिश्नर राजन शुक्ला और डीएम संजय कुमार ने रविवार को मेला क्षेत्र में प्रेस कांफ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि मेले के दौरान एलईडी और सीएएफएल लाइट के बिल का भुगतान मेले के बजट से होगा और उसके बाद इलाहाबाद विकास प्राधिकरण इसकी देखरेख करेगा और बिल का भुगतान करेगा। मेले के दौरान वर्ल्ड वाइड फॉर नेचर इंडिया की ओरह से एक स्टाल/प्रदर्शनी का आयोजन कर जैव संरक्षण एवं जैव विविधता की जानकारी जनसामान्य को दी जाएगी। मेला प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में एक स्वागत कक्ष बनाया जाएगा, जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी को बैठाया जाएगा। वह तीर्थयात्रियों को जानकारी उपलब्ध कराने के साथ पम्फलेट का वितरण करेंगे, जिसमें गंगा की स्वच्छता बनाए रखने एवं जनहित की सामान्य सूचनाएं उपलब्ध रहेंगी।
नमामि गंगे परियोजना के तहत आईटीडीसी की ओर से ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले के माध्यम से गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए तैयार की गई परियोजनाओं को प्रचार-प्रसार किया जाएगा। योजना है कि मेला क्षेत्र में हर विभाग के शिविर में एक शिकायत पेटिका और रजिस्टर रखवाया जाएगा ताकि श्रद्धालु उसमें अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उनकी समस्या का तत्काल निराकरण कराया जा सके। मेले के बाद निकले वाली गंदगी की साफ-सफाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलग से दस लाख रुपये का बजट आवंटित कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ नए काम पूरे हो गए हैं। मेला क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बनाए गए पॉन्ड के समीप गंगा की मूर्ति स्थापित कराई गई है। साथ ही पॉन्ड को सुसज्जित किया गया है।
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गंगा-यमुना के तट पर ऐतिहासिक किले की प्राचीर को फोकस लाइट के माध्यम से रोशन किया जा रहा है। शास्त्री ब्रिज को भी एलईडी लाइटों से जगमग कर दिया गया है। कमिश्नर और डीएम ने बताया कि दिशा सूचक बोर्ड की संख्या तीन गुना बढ़ा दी गई है। मेले में अगर कोई खो जाता है, तो वह बोर्ड में प्रदर्शित मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सूचना दर्ज करा सकता है। ऐसे बोर्ड की संख्या में दो गुना इजाफा गया है। हाल ही में पठानकोट में हुए आतंकी हमले के मद्दनेजनर मेले की सुरक्षा के मसले पर एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि पुलिस हाईअलर्ट पर है। घाटों पर विशेष निगरानी रहेगी। खुफिया एजेंसियों से भी संपर्क में हैं।
माघ मेले में स्नानार्थियों के लिए 7260 रनिंग फीट के कुल 14 स्नान घाट तैयार किए जा रहे हैं। इनमें सबसे लंबा 2000 रनिंग फीट का संगम घाट है। अन्य घाटों में अरैल घाट, राम घाट, महावीर स्नान घाट, दशाश्वमेघ घाट, काली से त्रिवेणी मार्ग के बीच, त्रिवेणी मार्ग के दक्षिण, अक्षयवट मार्ग के दक्षिण, संगम लोवर मार्ग स्नान घाट, काली मार्ग के उत्तर शास्त्री पुल तक, शास्त्री पुल से मोरी मार्ग के दक्षिण, मोरी मार्ग के उत्तर रेलवे पुल तक, गंगोली शिवाला मार्ग से रेलवे पुल के बीच और गंगोली शिवाला मार्ग से जीटी रोड के बीच घाट तैयार किए जा रहे हैं।
मेला क्षेत्र में डाक विभाग की ओर से पोस्ट ऑफिस की स्थापना कर डाकों का वितरण एवं प्रेषण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही ग्राहक सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा। रेलवे प्रदर्शनी लगाएगा और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टिकट काउंटर लगाने के साथ आरक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा। फोन नेटवर्क में दिक्कत न आए, सो बीएसएनएल की ओर से चार स्थानों पर टॉवर लगाए जा रहे हैं।
माघ मेले कुल 1540 बीघा क्षेत्र में बसाया जा रहा है। इसके लिए शासन से 28 करोड़ रुपये का बजट मिला है। मेले की बसावट पिछले साल के मुकाबले इस बार दस फीसदी अधिक है। ऐसे में प्रशासन ने शासन को पत्र भेजकर सात करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट की मांग की है। अगर बजट स्वीकृत होता है तो मेले का कुल बजट बढ़कर 35 करोड़ रुपये हो जाएगा।
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उन्होंने बताया कि मेले के दौरान एलईडी और सीएएफएल लाइट के बिल का भुगतान मेले के बजट से होगा और उसके बाद इलाहाबाद विकास प्राधिकरण इसकी देखरेख करेगा और बिल का भुगतान करेगा। मेले के दौरान वर्ल्ड वाइड फॉर नेचर इंडिया की ओरह से एक स्टाल/प्रदर्शनी का आयोजन कर जैव संरक्षण एवं जैव विविधता की जानकारी जनसामान्य को दी जाएगी। मेला प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में एक स्वागत कक्ष बनाया जाएगा, जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी को बैठाया जाएगा। वह तीर्थयात्रियों को जानकारी उपलब्ध कराने के साथ पम्फलेट का वितरण करेंगे, जिसमें गंगा की स्वच्छता बनाए रखने एवं जनहित की सामान्य सूचनाएं उपलब्ध रहेंगी।
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नमामि गंगे परियोजना के तहत आईटीडीसी की ओर से ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले के माध्यम से गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए तैयार की गई परियोजनाओं को प्रचार-प्रसार किया जाएगा। योजना है कि मेला क्षेत्र में हर विभाग के शिविर में एक शिकायत पेटिका और रजिस्टर रखवाया जाएगा ताकि श्रद्धालु उसमें अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उनकी समस्या का तत्काल निराकरण कराया जा सके। मेले के बाद निकले वाली गंदगी की साफ-सफाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलग से दस लाख रुपये का बजट आवंटित कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ नए काम पूरे हो गए हैं। मेला क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बनाए गए पॉन्ड के समीप गंगा की मूर्ति स्थापित कराई गई है। साथ ही पॉन्ड को सुसज्जित किया गया है।
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गंगा-यमुना के तट पर ऐतिहासिक किले की प्राचीर को फोकस लाइट के माध्यम से रोशन किया जा रहा है। शास्त्री ब्रिज को भी एलईडी लाइटों से जगमग कर दिया गया है। कमिश्नर और डीएम ने बताया कि दिशा सूचक बोर्ड की संख्या तीन गुना बढ़ा दी गई है। मेले में अगर कोई खो जाता है, तो वह बोर्ड में प्रदर्शित मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सूचना दर्ज करा सकता है। ऐसे बोर्ड की संख्या में दो गुना इजाफा गया है। हाल ही में पठानकोट में हुए आतंकी हमले के मद्दनेजनर मेले की सुरक्षा के मसले पर एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि पुलिस हाईअलर्ट पर है। घाटों पर विशेष निगरानी रहेगी। खुफिया एजेंसियों से भी संपर्क में हैं।
माघ मेले में स्नानार्थियों के लिए 7260 रनिंग फीट के कुल 14 स्नान घाट तैयार किए जा रहे हैं। इनमें सबसे लंबा 2000 रनिंग फीट का संगम घाट है। अन्य घाटों में अरैल घाट, राम घाट, महावीर स्नान घाट, दशाश्वमेघ घाट, काली से त्रिवेणी मार्ग के बीच, त्रिवेणी मार्ग के दक्षिण, अक्षयवट मार्ग के दक्षिण, संगम लोवर मार्ग स्नान घाट, काली मार्ग के उत्तर शास्त्री पुल तक, शास्त्री पुल से मोरी मार्ग के दक्षिण, मोरी मार्ग के उत्तर रेलवे पुल तक, गंगोली शिवाला मार्ग से रेलवे पुल के बीच और गंगोली शिवाला मार्ग से जीटी रोड के बीच घाट तैयार किए जा रहे हैं।
मेला क्षेत्र में डाक विभाग की ओर से पोस्ट ऑफिस की स्थापना कर डाकों का वितरण एवं प्रेषण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही ग्राहक सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा। रेलवे प्रदर्शनी लगाएगा और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टिकट काउंटर लगाने के साथ आरक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा। फोन नेटवर्क में दिक्कत न आए, सो बीएसएनएल की ओर से चार स्थानों पर टॉवर लगाए जा रहे हैं।
माघ मेले कुल 1540 बीघा क्षेत्र में बसाया जा रहा है। इसके लिए शासन से 28 करोड़ रुपये का बजट मिला है। मेले की बसावट पिछले साल के मुकाबले इस बार दस फीसदी अधिक है। ऐसे में प्रशासन ने शासन को पत्र भेजकर सात करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट की मांग की है। अगर बजट स्वीकृत होता है तो मेले का कुल बजट बढ़कर 35 करोड़ रुपये हो जाएगा।