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तीन वर्ष पहले मान्यता, बन गए सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 06 Jan 2016 09:24 PM IST
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शासन एवं यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्र बनाने के सख्त निर्देश के बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक एवं संयुक्त शिक्षा निदेशकों ने मनमाने तरीके से तीन वर्ष पूर्व मान्यता पाने वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया। यह मामला जिला एवं मंडलीय समितियों की सिफारिश पर सूची को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सामने आया है। जिला एवं मंडलीय समितियों ने बिना बाउंड्री वाल वाले विद्यालयों को मानक की अनदेखी करते हुए परीक्षा केंद्र्र बना दिया।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से तय किए गए परीक्षा केंद्रों में वित्तविहीनों विद्यालयों को बड़ी संख्या में परीक्षार्थी आवंटित कर दिए गए हैं तो वहीं मान्यता प्राप्त सरकारी विद्यालयों में गिनती के परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं। सरकारी विद्यालयों को जहां परीक्षा केंद्र बनाने में कंजूसी बरती गई है तो नई मान्यता वाले वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के पास पहुंची परीक्षा केंद्रों की सूची में सबसे अधिक गड़बड़ी पूर्वांचल एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विद्यालयों को लेकर सामने आई है। क्षेत्रीय कार्यालय बोर्ड तक यह शिकायत पहुंचा रहे हैं कि नेताओं एवं शासन के इशारे पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड मुख्यालय पहुंची शिकायतों में कहा गया है कि तीन वर्ष पूर्व मान्यता पाने वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने के साथ पिछले वर्षों में नकल के आरोप में दागी बनाए गए स्कूलों को परीक्षा केंद्र बना दिया। संयुक्त शिक्षा निदेशकों ने मंडलीय समिति की रिपोर्ट में जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से बनाए परीक्षा केंद्रों को मामूली हेर-फेर करके मंजूरी दे दी। इन विद्यालयों पर बोर्ड परीक्षा के आवेदन में मनमानी का आरोप इस प्रकार की शिकायत पूरे प्रदेश से सामने आ रही हैं।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से तय किए गए परीक्षा केंद्रों में वित्तविहीनों विद्यालयों को बड़ी संख्या में परीक्षार्थी आवंटित कर दिए गए हैं तो वहीं मान्यता प्राप्त सरकारी विद्यालयों में गिनती के परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं। सरकारी विद्यालयों को जहां परीक्षा केंद्र बनाने में कंजूसी बरती गई है तो नई मान्यता वाले वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
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यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के पास पहुंची परीक्षा केंद्रों की सूची में सबसे अधिक गड़बड़ी पूर्वांचल एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विद्यालयों को लेकर सामने आई है। क्षेत्रीय कार्यालय बोर्ड तक यह शिकायत पहुंचा रहे हैं कि नेताओं एवं शासन के इशारे पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड मुख्यालय पहुंची शिकायतों में कहा गया है कि तीन वर्ष पूर्व मान्यता पाने वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने के साथ पिछले वर्षों में नकल के आरोप में दागी बनाए गए स्कूलों को परीक्षा केंद्र बना दिया। संयुक्त शिक्षा निदेशकों ने मंडलीय समिति की रिपोर्ट में जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से बनाए परीक्षा केंद्रों को मामूली हेर-फेर करके मंजूरी दे दी। इन विद्यालयों पर बोर्ड परीक्षा के आवेदन में मनमानी का आरोप इस प्रकार की शिकायत पूरे प्रदेश से सामने आ रही हैं।
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