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गम, गुस्सा और तनाव के बीच हुआ पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 21 Dec 2015 11:14 PM IST
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यमुनापार के औद्योगिक क्षेत्र में रविवार रात जमीन के विवाद में हुए खूनी खेल के दूसरे दिन गम, गुस्सा और तनाव का माहौल रहा। बवाल की आशंका के चलते प्रधान और प्रापर्टी डीलर के घर के साथ रामपुर चौराहे पर पुलिस फोर्स तैनात रही। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर घाट तक पुलिस खासी सतर्क दिखी।
प्रापर्टी डीलर संतोष सिंह के घरवालों ने पुलिस अफसरों से रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया। इस पर पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली। रातभर एसपी क्राइम भारी पुलिस बल के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। दो डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर के लिए चले तो पुलिस बल भी साथ रहा। संतोष सिंह का शव घर पहुंचा तो एक बार फिर कोहराम मच गया। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। कुछ देर बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए निकले। घाट पर भी पुलिस तैनात रही।
संतोष के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। चूंकि पुलिस को दोबारा बवाला की आशंका थी। वहीं प्रधान विजय तिवारी के शव का पोस्टमार्टम सोमवार दोपहर हुआ। पोस्टमार्टम हाउस में समर्थकों और परिजनों की भारी भीड़ थी। परिजन शव लेकर चले तो पुलिस की दस गाड़ियां पीछे चल रही थीं। पुलिस को आशंका थी कि परिजन शव रखकर दोबारा चक्काजाम न कर दें। पहले प्रधान का शव डेरी चौराहे स्थित घर पर ले जाया गया।
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इसके साथ ही एक बार फिर वहां का माहौल गमगीन हो गया। कुछ देर बाद प्रधान का शव चटकहना स्थित पैतृक गांव लाया गया। फिर वहां से अंतिम संस्कार के लिए परिजन चटकहना घाट रवाना हुए। घाट पर भी पुलिस फोर्स मौजूद रही। वहीं रविवार रात डबल मर्डर के बाद प्रधान और प्रापर्टी डीलर के गांव में पीएसी के साथ आरएएफ तैनात है। हर तरफ खाकी ही दिखी। रामपुर तिराहे पर भी पुलिस का पहरा रहा।
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प्रापर्टी डीलर संतोष सिंह के घरवालों ने पुलिस अफसरों से रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया। इस पर पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली। रातभर एसपी क्राइम भारी पुलिस बल के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। दो डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर के लिए चले तो पुलिस बल भी साथ रहा। संतोष सिंह का शव घर पहुंचा तो एक बार फिर कोहराम मच गया। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। कुछ देर बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए निकले। घाट पर भी पुलिस तैनात रही।
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संतोष के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। चूंकि पुलिस को दोबारा बवाला की आशंका थी। वहीं प्रधान विजय तिवारी के शव का पोस्टमार्टम सोमवार दोपहर हुआ। पोस्टमार्टम हाउस में समर्थकों और परिजनों की भारी भीड़ थी। परिजन शव लेकर चले तो पुलिस की दस गाड़ियां पीछे चल रही थीं। पुलिस को आशंका थी कि परिजन शव रखकर दोबारा चक्काजाम न कर दें। पहले प्रधान का शव डेरी चौराहे स्थित घर पर ले जाया गया।
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इसके साथ ही एक बार फिर वहां का माहौल गमगीन हो गया। कुछ देर बाद प्रधान का शव चटकहना स्थित पैतृक गांव लाया गया। फिर वहां से अंतिम संस्कार के लिए परिजन चटकहना घाट रवाना हुए। घाट पर भी पुलिस फोर्स मौजूद रही। वहीं रविवार रात डबल मर्डर के बाद प्रधान और प्रापर्टी डीलर के गांव में पीएसी के साथ आरएएफ तैनात है। हर तरफ खाकी ही दिखी। रामपुर तिराहे पर भी पुलिस का पहरा रहा।