{"_id":"efb9109b2453baa8992437ff00cc0ca3","slug":"allahabad-news-hindi-news-412","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज बंटेगी दंडी संन्यासियों को भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज बंटेगी दंडी संन्यासियों को भूमि
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 17 Dec 2015 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांटून पुल या मोरी मार्ग पर भूमि बांटने की मांग पर अड़े दंडी संन्यासियों को मेला प्रशासन ने मना लिया है हालांकि बुधवार को दंडी संन्यासी नगर की भूमि का आवंटन नहीं किया जा सका। मेला प्रशासन ने उनकी भूमि को समतल कराने के बाद ही बांटने का भरोसा दिया है।
बीते कई दिनों से दंडी संन्यासियों और मेला प्रशासन के बीच पांटून पुल की मांग को लेकर खींचतान जारी थी। दंडी संन्यासी पांटून पुल या मोरी मार्ग पर भूमि बांटने की मांग को लेकर अड़े थे जबकि प्रशासन गंगा की कटान और त्रिवेणी मार्ग की विस्थापित संस्थाओं को बसाने का हवाला देकर उन्हें जीटीरोड, गंगोली शिवाला पर ही भूमि देना चाह रहा था।
इससे पहले अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंध समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम की देखरेख में हुई दंडी संन्यासियों की सभा में मनमुताबिक भूमि न मिलने पर मेला बहिष्कार का निर्णय लिया गया था। बाद में मेलाधिकारी से बातचीत में भूमि के समतलीकरण के भरोसे के बाद दंडी संन्यासी मान गए। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के प्रवक्ता आचार्य कुशमुनि के मुताबिक बृहस्पतिवार को दंडी संन्यासी भूमि आवंटन में शामिल होंगे। भूमि आवंटित होने के बाद गंगा और भूमि पूजन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते कई दिनों से दंडी संन्यासियों और मेला प्रशासन के बीच पांटून पुल की मांग को लेकर खींचतान जारी थी। दंडी संन्यासी पांटून पुल या मोरी मार्ग पर भूमि बांटने की मांग को लेकर अड़े थे जबकि प्रशासन गंगा की कटान और त्रिवेणी मार्ग की विस्थापित संस्थाओं को बसाने का हवाला देकर उन्हें जीटीरोड, गंगोली शिवाला पर ही भूमि देना चाह रहा था।
विज्ञापन
इससे पहले अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंध समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम की देखरेख में हुई दंडी संन्यासियों की सभा में मनमुताबिक भूमि न मिलने पर मेला बहिष्कार का निर्णय लिया गया था। बाद में मेलाधिकारी से बातचीत में भूमि के समतलीकरण के भरोसे के बाद दंडी संन्यासी मान गए। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के प्रवक्ता आचार्य कुशमुनि के मुताबिक बृहस्पतिवार को दंडी संन्यासी भूमि आवंटन में शामिल होंगे। भूमि आवंटित होने के बाद गंगा और भूमि पूजन करेंगे।
विज्ञापन