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प्रयाग स्टेशन परिसर में युवक को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 15 Dec 2015 11:56 PM IST
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शहर के कर्नलगंज इलाके में प्रयाग रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार सुबह झड़प के दौरान ई-रिक्शा चालक के साथी ने प्रतियोगी छात्र दीपक त्रिपाठी (22) की चाकू मारकर हत्या कर दी। बचाने की कोशिश में उसके छोटे भाई अमित को भी चाकू मारकर घायल कर भाग निकला। दोनों भाई हरिद्वार से ट्रेन में आए अपने माता-पिता को लेन की खातिर प्रयाग स्टेशन गए थे। ई रिक्शा चालक ने सामान लादने के बाद दोनों भाइयों को रिक्शा पर बैठाने से मना कर दिया तो उनके बीच झगड़ा हो गया। चाकू मारने वाले युवक को वहीं लोगों ने दबोचकर पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया जबकि चालक को बाद में पकड़ लिया गया। उन दोनों के खिलाफ जीआरपी चौकी प्रयाग में नामजद मुकदमा लिखा गया है।
ओमगायत्री नगर कर्नलगंज में रहने वाले दयाशंकर त्रिपाठी के चार पुत्रों में दीपक तीसरे नंबर पर था। सबसे बड़ा पुत्र विद्याशंकर है जबकि दूसरे नंबर का आशीष गुड़गांव की एक फैक्ट्री में नौकरी करता है। सबसे छोटा अमित घर में ही रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान चलाता है। दीपक के बारे में बताया गया कि वह दुकान में बैठने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करता था। दूसरे नंबर के बेटे आशीष की शादी हरिद्वार में तय की गई है। दो दिन पहले सगाई थी। गुड़गांव से आशीष हरिद्वार पहुंच गया। इलाहाबाद से माता-पिता, छोटा भाई अमित और बहनोई रामलाल दुबे भी सगाई में गए। सगाई के बाद सोमवार को वे हरिद्वार एक्सप्रेस से इलाहाबाद के लिए रवाना हुए। मंगलवार सुबह तीसरे नंबर का बेटा दीपक कार लेकर प्रयाग स्टेशन पहुंचा। ट्रेन आई तो वह माता-पिता, भाई और बहनोई के साथ सगाई में मिला सामान लेकर बाहर निकला। सामान ज्यादा था इसलिए उसे ई-रिक्शा पर लादा गया।
सामान से ही ई-रिक्शा भर गया। उस पर बैठने को लेकर चालक संतोष साहू तथा खलासी वसीम से दीपक की कहासुनी हो गई। तैश में आकर वसीम ने दीपक के सीने पर चाकू से प्रहार कर दिया। चाकू सीने में धंसा तो दीपक खून से लथपथ होकर गिर गया। बचाने की कोशिश में अमित भी चाकू के वार से जख्मी हो गया। माता-पिता और बहनोई ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोग उधर दौड़े। ई-रिक्शा चालक संतोष भाग गया जबकि वसीम को लोगों ने घेरकर दबोच लिया। उसे पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। अमित और दीपक को आनन-फानन में एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया जबकि अमित को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। कुछ देर बाद जीआरपी प्रयाग के पुलिसकर्मियों ने ई-रिक्शा चालक संतोष को भी दबोच लिया।
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उन दोनों को गिरफ्तार कर हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि सौ रुपये में भाड़ा तय होने के बाद ई-रिक्शा में बैठने को लेकर चालक-खलासी से दीपक का झगड़ा हुआ था। शादी की तैयारी के बीच इस दुखद घटना ने दीपक के माता-पिता समेत पूरे परिवार को सदमे में डुबो दिया। जरा सी बात पर कत्ल से हर कोई गमगीन और स्तब्ध है।
शहर में टेंपो चालक और उनके साथ तो हमेशा से लूटपाट, छिनैती, जेबकतरी के लिए बदनाम रहे ही हैं मगर अब रिक्शा वालों से भी सावधान रहने की जरूरत है। मंगलवार सुबह की घटना में ई-रिक्शा चालक के साथी वसीम ने जिस तरह से युवक दीपक त्रिपाठी की चाकू मारकर हत्या की, उससे पुलिस भी हतप्रभ है। साफ है कि वह अपराधी प्रवृति का है इसलिए चाकू साथ रखे था। पकड़ा गया ई-रिक्शा चालक दारागंज का रहने वाला है। इस घटना के बाद पुलिस को शहर के सभी टेंपो और रिक्शा चालकों के बारे में नए सिरे से जांच अभियान चलाने की जरूरत है।
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ओमगायत्री नगर कर्नलगंज में रहने वाले दयाशंकर त्रिपाठी के चार पुत्रों में दीपक तीसरे नंबर पर था। सबसे बड़ा पुत्र विद्याशंकर है जबकि दूसरे नंबर का आशीष गुड़गांव की एक फैक्ट्री में नौकरी करता है। सबसे छोटा अमित घर में ही रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान चलाता है। दीपक के बारे में बताया गया कि वह दुकान में बैठने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करता था। दूसरे नंबर के बेटे आशीष की शादी हरिद्वार में तय की गई है। दो दिन पहले सगाई थी। गुड़गांव से आशीष हरिद्वार पहुंच गया। इलाहाबाद से माता-पिता, छोटा भाई अमित और बहनोई रामलाल दुबे भी सगाई में गए। सगाई के बाद सोमवार को वे हरिद्वार एक्सप्रेस से इलाहाबाद के लिए रवाना हुए। मंगलवार सुबह तीसरे नंबर का बेटा दीपक कार लेकर प्रयाग स्टेशन पहुंचा। ट्रेन आई तो वह माता-पिता, भाई और बहनोई के साथ सगाई में मिला सामान लेकर बाहर निकला। सामान ज्यादा था इसलिए उसे ई-रिक्शा पर लादा गया।
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सामान से ही ई-रिक्शा भर गया। उस पर बैठने को लेकर चालक संतोष साहू तथा खलासी वसीम से दीपक की कहासुनी हो गई। तैश में आकर वसीम ने दीपक के सीने पर चाकू से प्रहार कर दिया। चाकू सीने में धंसा तो दीपक खून से लथपथ होकर गिर गया। बचाने की कोशिश में अमित भी चाकू के वार से जख्मी हो गया। माता-पिता और बहनोई ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोग उधर दौड़े। ई-रिक्शा चालक संतोष भाग गया जबकि वसीम को लोगों ने घेरकर दबोच लिया। उसे पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। अमित और दीपक को आनन-फानन में एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया जबकि अमित को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। कुछ देर बाद जीआरपी प्रयाग के पुलिसकर्मियों ने ई-रिक्शा चालक संतोष को भी दबोच लिया।
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उन दोनों को गिरफ्तार कर हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि सौ रुपये में भाड़ा तय होने के बाद ई-रिक्शा में बैठने को लेकर चालक-खलासी से दीपक का झगड़ा हुआ था। शादी की तैयारी के बीच इस दुखद घटना ने दीपक के माता-पिता समेत पूरे परिवार को सदमे में डुबो दिया। जरा सी बात पर कत्ल से हर कोई गमगीन और स्तब्ध है।
शहर में टेंपो चालक और उनके साथ तो हमेशा से लूटपाट, छिनैती, जेबकतरी के लिए बदनाम रहे ही हैं मगर अब रिक्शा वालों से भी सावधान रहने की जरूरत है। मंगलवार सुबह की घटना में ई-रिक्शा चालक के साथी वसीम ने जिस तरह से युवक दीपक त्रिपाठी की चाकू मारकर हत्या की, उससे पुलिस भी हतप्रभ है। साफ है कि वह अपराधी प्रवृति का है इसलिए चाकू साथ रखे था। पकड़ा गया ई-रिक्शा चालक दारागंज का रहने वाला है। इस घटना के बाद पुलिस को शहर के सभी टेंपो और रिक्शा चालकों के बारे में नए सिरे से जांच अभियान चलाने की जरूरत है।