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रेती पर रचेगा संस्कृति का वैश्विक रूप
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:11 AM IST
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माघ मेले के दौरान संगम की रेती पर बसने वाली तंबुओं की नगरी के कल्पवासी, श्रद्धालु अबकी भारतीय संस्कृति के वैश्विक सरोकारों से परिचित हो सकेंगे। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से संगम की रेती पर पखवारे भर के लिए आयोजित ‘चलो मन गंगा-यमुना तीर’ के तहत राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का भी जमावड़ा होगा। संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से मेले के दौरान कई चर्चित अंतरराष्ट्रीय कलाकारों, दलों की धार्मिक प्रस्तुतियों सहित अनेक नाटकों का मंचन भी किया जाएगा।
केंद्र निदेशक गौरव कृष्ण बंसल के मुताबिक स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकार मेले के दौरान भारतीय संस्कृति के विविध पक्षों से जु़ड़ी प्रस्तुतियां देेते हैं लेकिन अबकी श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति के वैश्विक स्वरूप से परिचित कराने की योजना है। इसके तहत दुनिया के उन देशों के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जहां भारतीय मूल के लोगों के बीच स्थानीय स्वरूप में भारतीय सांस्कृतिक परंपरा मौजूद है। ऐसे में सांस्कृतिक केंद्र के मंच पर भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिखेगा। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर इम्फाल के वसंतरास शाकुंतल के ओपेन्द्रो जन्मदाकथक केंद्र के कलाकारों और दिल्ली की सुस्मिता घोष प्रस्तुति देंगी।
सांस्कृतिक केंद्र की ओर से अबकी दो और मंच बनाए जाएंगे। निदेशक गौरव कृष्ण बंसल के मुताबिक अधिक से अधिक लोगों के बीच सांस्कृतिक पस्तुतियों देने के लक्ष्य के तहत परेड के अतिरिक्त अरैल और झूंसी की ओर से भी मंच बनाए जाएंगे। कार्यक्रम का प्रसारण ऑन लाइन भी किया जाएगा।
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केंद्र निदेशक गौरव कृष्ण बंसल के मुताबिक स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकार मेले के दौरान भारतीय संस्कृति के विविध पक्षों से जु़ड़ी प्रस्तुतियां देेते हैं लेकिन अबकी श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति के वैश्विक स्वरूप से परिचित कराने की योजना है। इसके तहत दुनिया के उन देशों के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जहां भारतीय मूल के लोगों के बीच स्थानीय स्वरूप में भारतीय सांस्कृतिक परंपरा मौजूद है। ऐसे में सांस्कृतिक केंद्र के मंच पर भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिखेगा। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर इम्फाल के वसंतरास शाकुंतल के ओपेन्द्रो जन्मदाकथक केंद्र के कलाकारों और दिल्ली की सुस्मिता घोष प्रस्तुति देंगी।
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सांस्कृतिक केंद्र की ओर से अबकी दो और मंच बनाए जाएंगे। निदेशक गौरव कृष्ण बंसल के मुताबिक अधिक से अधिक लोगों के बीच सांस्कृतिक पस्तुतियों देने के लक्ष्य के तहत परेड के अतिरिक्त अरैल और झूंसी की ओर से भी मंच बनाए जाएंगे। कार्यक्रम का प्रसारण ऑन लाइन भी किया जाएगा।
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