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विवि में आज भी कक्षाएं स्थगित
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 24 Nov 2015 12:00 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में गतिरोध बना हुआ है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन तथा तनाव को देखते हुए मंगलवार को भी कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की सोमवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस तरह से विवादों की वजह से परिसर में लगातार पांचवें दिन पढ़ाई बाधित रहेगी। परिसर के इस माहौल के खिलाफ छात्र-छात्राओं में नाराजगी है। इसी के साथ शिक्षकों के बीच की नाराजगी भी खुलकर सामने आ गई है।
21 नवंबर को छात्रसंघ उद्घाटन समारोह तथा उसमें सांसद महंत योगी आदित्य नाथ को आमंत्रित करने को लेकर शुरू विवाद अब भी बना हुआ है। इसके मद्देनजर पहले दो दिन विश्वविद्यालय बंद कर दिया गया था। सोमवार को परिसर खुला, लेकिन कक्षाएं स्थगित रहीं। इसके बावजूद छात्र गुटों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इसलिए मंगलवार को भी सिर्फ दफ्तर खोलने का निर्णय लिया गया।
परिसर के इस माहौल तथा चीफ प्रॉक्टर के साथ हाथापाई से शिक्षकों का एक वर्ग भी नाराज है। उनकी ओर से 25 नवंबर को बैठक बुलाई गई है। बैठक में विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति तथा पठन-पाठन का माहौल बहाल करने पर चर्चा होगी। बैठक बुलाने वाले हिंदी विभाग के डॉ. कृपाशंकर और डॉ.डीपी दुबे ने चीफ प्रॉक्टर के साथ बदतमीजी करने वाले विद्यार्थियों तथा उन्हें प्रशय देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में अध्यापक संघ नाम की कोई चीज नहीं है। बैठक में चुनाव के लिए भी पहल की जाएगी। उन्होंने योगी आदित्य नाथ को रोके जाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताया।
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इससे ईतर अध्यापक संघ के महामंत्री प्रोफेसर शिवमोहन प्रसाद, संयुक्त मंत्री सूर्य नारायण सिंह, उपाध्यक्ष डॉ.मंजुला जायसवाल, कोषाध्यक्ष डॉ.आरएस यादव ने संयुक्त बयान में कुलपति तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से परिसर में शैक्षिक माहौल करने की अपील की है। उन्होंने पूर्व में हुई घटनाओं की निंदा करते हुए विद्यार्थियों से भी शांति बनाए रखने की अपील की है।
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21 नवंबर को छात्रसंघ उद्घाटन समारोह तथा उसमें सांसद महंत योगी आदित्य नाथ को आमंत्रित करने को लेकर शुरू विवाद अब भी बना हुआ है। इसके मद्देनजर पहले दो दिन विश्वविद्यालय बंद कर दिया गया था। सोमवार को परिसर खुला, लेकिन कक्षाएं स्थगित रहीं। इसके बावजूद छात्र गुटों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इसलिए मंगलवार को भी सिर्फ दफ्तर खोलने का निर्णय लिया गया।
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परिसर के इस माहौल तथा चीफ प्रॉक्टर के साथ हाथापाई से शिक्षकों का एक वर्ग भी नाराज है। उनकी ओर से 25 नवंबर को बैठक बुलाई गई है। बैठक में विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति तथा पठन-पाठन का माहौल बहाल करने पर चर्चा होगी। बैठक बुलाने वाले हिंदी विभाग के डॉ. कृपाशंकर और डॉ.डीपी दुबे ने चीफ प्रॉक्टर के साथ बदतमीजी करने वाले विद्यार्थियों तथा उन्हें प्रशय देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में अध्यापक संघ नाम की कोई चीज नहीं है। बैठक में चुनाव के लिए भी पहल की जाएगी। उन्होंने योगी आदित्य नाथ को रोके जाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताया।
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इससे ईतर अध्यापक संघ के महामंत्री प्रोफेसर शिवमोहन प्रसाद, संयुक्त मंत्री सूर्य नारायण सिंह, उपाध्यक्ष डॉ.मंजुला जायसवाल, कोषाध्यक्ष डॉ.आरएस यादव ने संयुक्त बयान में कुलपति तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से परिसर में शैक्षिक माहौल करने की अपील की है। उन्होंने पूर्व में हुई घटनाओं की निंदा करते हुए विद्यार्थियों से भी शांति बनाए रखने की अपील की है।