फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad news

दादरीकांड: पीड़ितों को मुआवजा देने से रोकने की मांग खारिज

Tue, 17 Nov 2015 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 17 Nov 2015 12:15 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद(ब्यूरो)। गौतमबुद्ध नगर के दादरी में बीफ विवाद में मारे गए मो. अखलाख के परिजनों को 45 लाख रुपये मुआवजा और चार फ्लैट देने की सरकार की घोषणा पर रोक लगाने की मांग हाईकोर्ट ने नामंजूर कर दी है। याचिका में सरकार की मुआवजा देने की नीति को भी चुनौती दी गई थी। याची का कहना था कि सरकार ने उत्तर प्रदेश पीड़ित मुआवजा अधिनियम 2014 के प्रावधानों से बाहर जाकर अखलाख के परिजनों को मुआवजा दिया है। रितेश चौधरी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की। पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची ने अपने दावों केसमर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया।
विज्ञापन


याचिका सिर्फ मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर दाखिल की गई है। गौर तलब है कि दादरी के मो. अखलाख की 28 सितंबर 2015 को कुछ लोगों की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। आरोप है कि बीफ खाने की वजह से अखलाख को मार डाला गया। इस घटना में अखलाख का पुत्र दानिश भी गंभीर रूप से घायल हुआ। प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को 45 लाख रुपये मुआवजा और आवास देने की घोषणा की। इसके विरोध में याचिका दाखिल कर कहा गया कि सरकार मुआवजा देने में भेदभाव बरत रही है। मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय का कहना था कि याचिका विद्वेषपूर्ण भावना से दाखिल की गई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed