फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad news

सिविल सेवा में बदलाव से बल्ले-बल्ले, बढ़ी उम्मीद

Tue, 13 Oct 2015 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 13 Oct 2015 11:41 PM IST
विज्ञापन
allahabad news
लंबे अरसे के बाद सिविल सेवा के प्रतियोगियों में उत्साह है। सिविल सेवा-2015 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित हुआ। परीक्षा प्रारूप में हुए बदलाव से हिंदी पट्टी के प्रतियोगियों की बल्ले-बल्ले है। हालांकि सही आंकड़े तो अभी नहीं आए हैं लेकिन हॉस्टल और डेलीगेसी में उत्साह से साफ नजर है कि इस बार सफल होने वालों की फेहरिस्त लंबी है। इस रिजल्ट से मुख्य परीक्षा और अंतिम रूप से चयनितों की सूची में भी बेहतर परिणाम की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन


प्रारंभिक परीक्षा में 2011 से सीसैट लागू होने के बाद से हिन्दी पट्टी के प्रतियोगियों की सफलता का ग्राफ लगातार गिरता गया। इसके विरोध में प्रतियोगियों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया। चौतरफा दबाव बनने के बाद सरकार के फैसले के तहत संघ लोक सेवा आयोग ने इस बार प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट को क्वालीफाइंग कर दिया। यानी, इसके अंक मेरिट निर्धारण में नहीं जोड़े गए। इसका लाभ भी मिलता दिख रहा है। हालांकि सीसैट लागू होने से पहले जैसी सफलता इस बार भी नहीं है। इसके पीछे मेरिट अधिक होने के साथ बड़ी संख्या में प्रतियोगियों के फार्म नहीं भरने को कारण माना जा रहा है। इसके बावजूद पहले के मुकाबले बेहतर परिणाम आने से प्रतियोगी उत्साहित हैं और हिंदी पट्टी में इस प्रतिष्ठित परीक्षा को लेकर एक बार फिर सकारात्मक माहौल बनने लगा है। विशेषज्ञों का दावा है कि आगामी वर्षों में और बेहतर परिणाम देखने को मिलेेंगे।
विज्ञापन


संघ लोक सेवा आयोग के विशेषज्ञों के पैनल के सदस्य इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के प्रोफेसर जटा शंकर का कहना है कि सीसैट क्वालीफाइंग होने के साथ सामान्य अध्ययन का पेपर भी ट्रेडिशनल रहा। इसकी वजह से नए प्रतियोगियों को कुछ निराशा मिली है, लेकिन लंबे समय से तैयारी करने वालों को फायदा हुआ। यहां के प्रतियोगियों की वैकल्पिक विषय में अच्छी नॉलेज होती है। इसलिए मुख्य परीक्षा में और बेहतर परिणाम की उम्मीद की जा सकती है। विशेषज्ञ डॉ.अतुल मिश्र का कहना है कि इस बार 2011 में शामिल अभ्यर्थियोें को अतिरिक्त मौका दिया गया था। इसके अलावा सीसैट को क्वालीफाइंग करने के बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल की पढ़ाई करने वाले प्रतियोगियों का भी सामान्य अध्ययन पर पूरा फोकस रहा। इससे मेरिट अधिक होने की बात कही जा रही है। इसलिए अपेक्षित रिजल्ट नहीं रहा लेकिन उत्साह बढ़ाने वाला जरूर है। सिविल सेवा कोच रनीश जैन का कहना है कि लंबे समय बाद उत्साहजनक परिणाम आया है। इसका असर मुख्य परीक्षा और अंतिम परिणाम में भी निश्चित देखने को मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed