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वाराणसी तक डबल लाइन बिछाने का रास्ता साफ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 29 Feb 2016 12:12 AM IST
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इलाहाबाद। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक डबल लाइन बिछाने का रास्ता रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने साफ कर दिया है। उन्होंने इलाहाबाद से वाराणसी के बीच डबल लाइन के लिए बजट जारी कर दिया है। 122 किलोमीटर का इस रूट का अधिकांश हिस्सा पूर्वोत्तर रेलवे के अधीन है। यह दोहरीकरण इलाहाबाद सिटी-हंडिया-माधोसिंह होते हुए वाराणसी तक होना है। इस रेल मार्ग का दोहरीकरण हो जाने के बाद ट्रेन से यात्री दो घंटे में इलाहाबाद से वाराणसी तक पहुंच जाएंगे।
वर्तमान समय इलाहाबाद से वाराणसी के लिए दो प्रमुख रेलमार्ग प्रयाग-फाफामऊ-जंघई-वाराणसी, इलाहाबाद सिटी-हंडिया-माधोसिंह-वाराणसी हैं। इन दोनों ही मार्गों का दोहरीकरण नहीं है। इस वजह से वाराणसी जाने वाली तमाम ट्रेनें वहां तक पहुंचने में तीन से चार घंटे का वक्त लगाती हैं। लंबे समय से मांग चल रही है कि वाराणसी मार्ग का दोहरीकरण किया जाए। इस बार रेल बजट में रेलमंत्री ने इसका ऐलान भी कर दिया। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 900 करोड़ रुपये की है। रेल मंत्रालय की ओर इस वर्ष काम शुरू करने के लिए 35 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा उत्तर रेलवे के प्रयागघाट रेलवे स्टेशन को टर्मिनल के रूप विकसित करने के काम में अब तेजी आएगी। इस बार के रेल बजट में प्रयागघाट के लिए रेलवे ने 2.49 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की गई है। ओवर ऑल इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 95 करोड़ रुपये के आसपास है। अब तक इस प्रोजेक्ट पर दस करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। दरअसल रेलवे की तैयारी है कि वर्ष 2018-19 में लगने वाले कुंभ मेले के पहले प्रयागघाट रेलवे स्टेशन टर्मिनल के रूप में विकसित कर लिया जाए। वहीं दूसरी ओर फाफामऊ से इलाहाबाद के बीच रेल लाइन को डबल करने के लिए रेलवे की ओर इस वर्ष दस करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
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वर्तमान समय इलाहाबाद से वाराणसी के लिए दो प्रमुख रेलमार्ग प्रयाग-फाफामऊ-जंघई-वाराणसी, इलाहाबाद सिटी-हंडिया-माधोसिंह-वाराणसी हैं। इन दोनों ही मार्गों का दोहरीकरण नहीं है। इस वजह से वाराणसी जाने वाली तमाम ट्रेनें वहां तक पहुंचने में तीन से चार घंटे का वक्त लगाती हैं। लंबे समय से मांग चल रही है कि वाराणसी मार्ग का दोहरीकरण किया जाए। इस बार रेल बजट में रेलमंत्री ने इसका ऐलान भी कर दिया। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 900 करोड़ रुपये की है। रेल मंत्रालय की ओर इस वर्ष काम शुरू करने के लिए 35 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
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इसके अलावा उत्तर रेलवे के प्रयागघाट रेलवे स्टेशन को टर्मिनल के रूप विकसित करने के काम में अब तेजी आएगी। इस बार के रेल बजट में प्रयागघाट के लिए रेलवे ने 2.49 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की गई है। ओवर ऑल इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 95 करोड़ रुपये के आसपास है। अब तक इस प्रोजेक्ट पर दस करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। दरअसल रेलवे की तैयारी है कि वर्ष 2018-19 में लगने वाले कुंभ मेले के पहले प्रयागघाट रेलवे स्टेशन टर्मिनल के रूप में विकसित कर लिया जाए। वहीं दूसरी ओर फाफामऊ से इलाहाबाद के बीच रेल लाइन को डबल करने के लिए रेलवे की ओर इस वर्ष दस करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
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