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वामपंथियों ने वकीलों के आरोपों को नकारा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:44 AM IST
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भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अधिवक्ताओं की ओर से लगाए जा रहे देशद्रोह के आरोप को झूठा बताया। कहा कि वामपंथियों की ओर से जेएनयू की घटना में निर्दोष छात्रों को बरी करने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। यह उनका अखिल भारतीय कार्यक्रम था। प्रदर्शन के दौरान करीब 150 अधिवक्ताओं का एक गुट अचानक धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा और बुनियाद आरोप लगाकर हमला कर दिया। हमला करने वाले अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं से अभद्रता की, छेड़खानी की।
साथ ही बीच बचाव करने आए अधिवक्ताओं को भी पीटा। माकपा के जिला मंत्री रवि मिश्रा ने कहा कि चंद अधिवक्ताओं के ऐसे कृत्य से पूरे अधिवक्ता समाज की साख गिरती है। उन्होंने कहा कि हमला करने वाले अधिवक्ताओं की ओर से लगाए जा रहे भारत विरोधी नारे नहीं लगाए गए। नहीं ही इससे कोई भी प्रदर्शनकारी इत्तेफाक रखता है।
हमलावर अधिवक्ताओं द्वारा अपने बचाव के लिए ऐसी मनगढ़ंत आरोप गढ़े गए जो लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन होता है। उन्होंने इसे प्रायोजित हमला भी बताया। कहा कि ऐसे लोग अल्पसंख्यक विरोधी, महिला विरोधी और दलित विरोधी हैं। अगर उनके पास भारत विरोधी नारेबाजी किए जाने का कोई साक्ष्य है तो वे प्रस्तुत करें। इस दौरान पार्टी के राज्य सचिव डॉ. हीरालाल यादव और सचिव मंडल के डॉ. एसपी कश्यप ने घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन भी जिला प्रशासन को सौंपा।
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साथ ही बीच बचाव करने आए अधिवक्ताओं को भी पीटा। माकपा के जिला मंत्री रवि मिश्रा ने कहा कि चंद अधिवक्ताओं के ऐसे कृत्य से पूरे अधिवक्ता समाज की साख गिरती है। उन्होंने कहा कि हमला करने वाले अधिवक्ताओं की ओर से लगाए जा रहे भारत विरोधी नारे नहीं लगाए गए। नहीं ही इससे कोई भी प्रदर्शनकारी इत्तेफाक रखता है।
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हमलावर अधिवक्ताओं द्वारा अपने बचाव के लिए ऐसी मनगढ़ंत आरोप गढ़े गए जो लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन होता है। उन्होंने इसे प्रायोजित हमला भी बताया। कहा कि ऐसे लोग अल्पसंख्यक विरोधी, महिला विरोधी और दलित विरोधी हैं। अगर उनके पास भारत विरोधी नारेबाजी किए जाने का कोई साक्ष्य है तो वे प्रस्तुत करें। इस दौरान पार्टी के राज्य सचिव डॉ. हीरालाल यादव और सचिव मंडल के डॉ. एसपी कश्यप ने घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन भी जिला प्रशासन को सौंपा।
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