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अब इविवि में बायोमेट्रिक अटेंडेंस
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:42 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आगामी सत्र से शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की बायोमेट्रिक अटेंडेंस होगी। कार्यपरिषद की बैठक में कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू ने इस पर विस्तार से चर्चा की। ज्यादातर सदस्य इस पर सहमत रहे। इस व्यवस्था के साथ विद्यार्थियों के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य करने का प्रावधान भी लागू हो जाएगा।
कुलपति ने कार्यभार संभालने के कुछ दिन बाद ही कह दिया था कि 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। यह कैसे संभव होगा इसके लिए कमेटी भी बनाई गई है। इसी बीच वनस्पति विज्ञान विभाग में बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की कर दी गई है। प्रयोग के तौर पर फिलहाल यह व्यवस्था बीएससी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य की गई है। आगामी सत्र से इसमें विस्तार किया जाएगा। कार्यपरिषद की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में कुलपति ने इस बारे में विस्तार से चर्चा की। हालांकि यह बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं था।
बैठक में ज्यादातर सदस्य सहमत रहे आगामी सत्र से सभी विभागों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। अभी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नहीं होती। शिक्षकों का कहना है कि एक-एक क्लास में 100-150 विद्यार्थी हैं। इसलिए इनका अटेंडेंस व्यवहारिक नहीं है। जबकि, यूजीसी का नियम है कि 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। अन्यथा, परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने के बाद नियमिति अटेंडेंस होने के साथ इस प्रावधान को लागू करने के बीच की बाधा भी दूर हो जाएगी।
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कुलपति ने कार्यभार संभालने के कुछ दिन बाद ही कह दिया था कि 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। यह कैसे संभव होगा इसके लिए कमेटी भी बनाई गई है। इसी बीच वनस्पति विज्ञान विभाग में बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की कर दी गई है। प्रयोग के तौर पर फिलहाल यह व्यवस्था बीएससी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य की गई है। आगामी सत्र से इसमें विस्तार किया जाएगा। कार्यपरिषद की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में कुलपति ने इस बारे में विस्तार से चर्चा की। हालांकि यह बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं था।
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बैठक में ज्यादातर सदस्य सहमत रहे आगामी सत्र से सभी विभागों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। अभी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नहीं होती। शिक्षकों का कहना है कि एक-एक क्लास में 100-150 विद्यार्थी हैं। इसलिए इनका अटेंडेंस व्यवहारिक नहीं है। जबकि, यूजीसी का नियम है कि 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। अन्यथा, परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने के बाद नियमिति अटेंडेंस होने के साथ इस प्रावधान को लागू करने के बीच की बाधा भी दूर हो जाएगी।
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