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एलोपैथी फार्मासिस्ट भर्ती पर जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:18 PM IST
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हाईकोर्ट ने एलोपैथी फार्मासिस्ट भर्ती की चयन सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। फतेहपुर के शिव नरेश ने चयन सूची को चुनौती दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति बी अमित स्थालकर सुनवाई कर रहे हैं।
याची का कहना है कि आठ सितंबर 2015 को 1752 पदों पर भर्ती के विज्ञापन निकाला गया। इसमें 80 पद फार्मासिस्ट एलोपैथी के थे। अर्हता फार्मासिस्ट में डिप्लोमा और राज्य भैसज्य परिषद पंजीकरण अनिवार्य होना थी। चयन सूची जारी होने पर पता चला कि डिप्लोमा धारकों के बजाए डिग्री धारकों को वरीयता दी गई है। यह विज्ञापन की शर्तों के विपरीत है।
हाईकोर्ट ने होम्योपैथी फार्मासिस्ट के पदों पर भर्ती के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। कोेर्ट ने कहा कि याचीगण विज्ञापन जारी होने की तिथि को निर्धारित अर्हता नहीं रखते थे। नीलम सिंह और 225 लोगों ने याचिका दाखिल की थी। याचीगण का कहना था कि 13 वर्ष बाद फार्मासिस्ट के 639 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। कोर्ट ने कहा कि याचीगण निर्धारित योग्यता नहीं रखते हैं, इसलिए उनको याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है।
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याची का कहना है कि आठ सितंबर 2015 को 1752 पदों पर भर्ती के विज्ञापन निकाला गया। इसमें 80 पद फार्मासिस्ट एलोपैथी के थे। अर्हता फार्मासिस्ट में डिप्लोमा और राज्य भैसज्य परिषद पंजीकरण अनिवार्य होना थी। चयन सूची जारी होने पर पता चला कि डिप्लोमा धारकों के बजाए डिग्री धारकों को वरीयता दी गई है। यह विज्ञापन की शर्तों के विपरीत है।
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हाईकोर्ट ने होम्योपैथी फार्मासिस्ट के पदों पर भर्ती के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। कोेर्ट ने कहा कि याचीगण विज्ञापन जारी होने की तिथि को निर्धारित अर्हता नहीं रखते थे। नीलम सिंह और 225 लोगों ने याचिका दाखिल की थी। याचीगण का कहना था कि 13 वर्ष बाद फार्मासिस्ट के 639 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। कोर्ट ने कहा कि याचीगण निर्धारित योग्यता नहीं रखते हैं, इसलिए उनको याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है।
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