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कीडगंज में यमुना किनारे से हटाई झुग्गी-झोपड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Wed, 06 May 2015 11:52 PM IST
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नगर निगम ने बुधवार को कीडगंज में यमुना किनारे बनी झुग्गी-झोपड़ियां ध्वस्त कर दीं। यहां 42 झोपड़ियों में गरीब तबके के लोग लंबे समय से रह रहे थे। खाली कराई गई जमीन पर नगर निगम यहां डंपिंग ग्राउंड बनाएगा। इसके साथ दस्ते ने बैरहना चौराहा से एडीसी तक अतिक्रमण अभियान भी चलाया। उधर, पार्षदों ने झुग्गी-झोपड़ी गिराने का विरोध किया है। इस मामले में पार्षद बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त का घेराव करेंगे।
अतिक्रमण प्रभारी एसएल यादव, जोनल अधिकारी नीरज सिंह, अतिक्रमण निरीक्षक पीयूष मोहिले के नेतृत्व में कीडगंज, मुट्ठीगंज, अतरसुइया थाने की पुलिस और पीएसी के साथ नगर निगम का दस्ता दिन में बैरहना चौराहा पहुंचा। यहां से गोरा कब्रिस्तान से एडीसी तक रोड पटरी पर लगी 16 गुमटियां ध्वस्त की गईं। इसके बाद दस्ता बोट क्लब के आगे यमुना किनारे झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में पहुंचा। नगर निगम ने इस भूमिधरी जमीन को 15 हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर 11 माह के लिए पट्टे पर लिया है। यहां डंपिंग ग्राउंड बनाया जाएगा और पुराने शहर से निकलने वाला कूड़ा यहां डंप किया जाएगा। इसके बाद गाड़ियों से उसे बसवार प्लांट भेजा जाएगा। सूत्रों की मानें तो निगम ने 11 माह के भीतर ही इस 11 सौ वर्गगज जमीन को सर्किल रेट से चार गुना कीमत पर खरीदने की भी तैयारी की है।
अतिक्रमण दस्ते ने मौके पर पहुंचे ही यहां रह रहे लोगों को झुग्गी-झोपड़ी खाली करने का आदेश दिया। करीब आधे घंटे बाद जेसीबी ने कार्रवाई शुरू की और कुछ ही देर में सभी झोपड़ियां जमींदोज कर दी गईं। पार्षद शिव सेवक सिंह का कहना है कि अफसरों ने झोपड़ियां गिराने में इतनी जल्दबादी की कि गरीबों को पूरा सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। कार्रवाई में काफी सामान बरबाद हो गया।
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अतिक्रमण प्रभारी एसएल यादव, जोनल अधिकारी नीरज सिंह, अतिक्रमण निरीक्षक पीयूष मोहिले के नेतृत्व में कीडगंज, मुट्ठीगंज, अतरसुइया थाने की पुलिस और पीएसी के साथ नगर निगम का दस्ता दिन में बैरहना चौराहा पहुंचा। यहां से गोरा कब्रिस्तान से एडीसी तक रोड पटरी पर लगी 16 गुमटियां ध्वस्त की गईं। इसके बाद दस्ता बोट क्लब के आगे यमुना किनारे झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में पहुंचा। नगर निगम ने इस भूमिधरी जमीन को 15 हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर 11 माह के लिए पट्टे पर लिया है। यहां डंपिंग ग्राउंड बनाया जाएगा और पुराने शहर से निकलने वाला कूड़ा यहां डंप किया जाएगा। इसके बाद गाड़ियों से उसे बसवार प्लांट भेजा जाएगा। सूत्रों की मानें तो निगम ने 11 माह के भीतर ही इस 11 सौ वर्गगज जमीन को सर्किल रेट से चार गुना कीमत पर खरीदने की भी तैयारी की है।
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अतिक्रमण दस्ते ने मौके पर पहुंचे ही यहां रह रहे लोगों को झुग्गी-झोपड़ी खाली करने का आदेश दिया। करीब आधे घंटे बाद जेसीबी ने कार्रवाई शुरू की और कुछ ही देर में सभी झोपड़ियां जमींदोज कर दी गईं। पार्षद शिव सेवक सिंह का कहना है कि अफसरों ने झोपड़ियां गिराने में इतनी जल्दबादी की कि गरीबों को पूरा सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। कार्रवाई में काफी सामान बरबाद हो गया।
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