फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad Museum: Purohit went to court, the process of appointment to the post of director got a setback

इलाहाबाद संग्रहालय : यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद जबरन रिटायर किए गए राजेश पुरोहित ने निदेशक की कुर्सी पर जताया दावा, गए कोर्ट

Fri, 03 Sep 2021 07:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 03 Sep 2021 07:46 PM IST
सार

राजेश पुरोहित के इलाहाबाद संग्रहालय से स्थानांतरित कर एक सितंबर 2017 को भारतीय संग्रहालय कोलकाता का निदेशक नियुक्त किया गया था। तब केशरी नाथ त्रिपाठी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। कुछ दिन बाद ही विवादों में घिरे पुरोहित को राजभवन ने समय से पहले ही इलाहाबाद वापस कर दिया था।

विज्ञापन
Allahabad Museum: Purohit went to court, the process of appointment to the post of director got a setback
prayagraj news : इलाहाबाद संग्रहालय। - फोटो : prayagraj

विस्तार

इलाहाबाद संग्रहालय में निदेशक की कुर्सी के लिए खींचतान शुरू हो गई है। पांच साल पहले यहां से भारतीय संग्रहालय के कोलकाता भेजे गए राजेश पुरोहित को समय से पहले हटाने और अनिवार्य सेवा निवृत्ति दिए जाने के बाद राजेश पुरोहित ने इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक पद अपना दावा ठोका है। निदेशक पद पर अपनी वापसी के लिए वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण में चले गए हैं। इसी के साथ संग्रहालय में निदेशक की नियुक्ति के लिए चल रही प्रक्रिया रोक दी गई है। पुरोहित के कोर्ट जाने के बाद संग्रहालय प्रशासन ने इस मामले से संस्कृति मंत्रालय को अवगत करा दिया है।
विज्ञापन


राजेश पुरोहित के इलाहाबाद संग्रहालय से स्थानांतरित कर एक सितंबर 2017 को भारतीय संग्रहालय कोलकाता का निदेशक नियुक्त किया गया था। तब केशरी नाथ त्रिपाठी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। कुछ दिन बाद ही विवादों में घिरे पुरोहित को राजभवन ने समय से पहले ही इलाहाबाद वापस कर दिया था। इस बीच इलाहाबाद पहुंचे पुरोहित को यूपी राजभवन से किसी तरह का दिशा निर्देश न मिलने की वजह से चार्ज नहीं मिल सका। समय से पहले कोलकाता से उनकी वापसी के बारे में जब राजभवन ने रिपोर्ट तलब की तब उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों का पता चला।
विज्ञापन


इसके कुछ दिन बाद ही राजेश को अनिवार्य सेवा निवृत्ति दे दी गई थी। अब बीते अगस्त महीने में पुरोहित ने इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक पर पर नए सिरे से दावा किया है। उल्लेखनीय है कि पुरोहित का कार्यकाल 2023 तक था, लेकिन उनको इससे पहले ही अनिवार्य सेवा निवृत्ति दे दी गई। इस बीच नए निदेशक की तलाश के बीच राजभवन की ओर से प्रभारी निदेशक डॉ सुनील गुप्ता को नौ महीने का सेवा विस्तार दिया जा चुका है। निदेशक पर पर नियुक्ति के लिए आवेद मांगे गए थे। इस पद पर कुल 26 आवेदन आए थे, जिन्हें राज भवन भेजा जा चुका है, लेकिन पुरोहित के कोर्ट जाने के बाद निदेशक पद पर नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुरोहित के खिलाफ महिला ने दर्ज कराई थी अनुचित यौन व्यवहार की शिकायत
पूर्व निदेशक राजेश पुरोहित के खिलाफ कोलकाता के न्यू मार्केट थाने में एक महिला इंटर्न के साथ यौन अनुचित व्यवहार करने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। धारा 354, 509 के तहत दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुरोहित ने पीड़िता के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क किया था। न्यू मार्केट पुलिस ने चार जून 2019 को यह मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed