इलाहाबाद लोकसभा : स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के नाम पर मैदान में उतरेंगे उज्ज्वल, यमुनापार में है मजबूत पकड़
उज्ज्वल रमण सिंह वर्ष 2004 के उपचुनाव और वर्ष 2017 के चुनाव में विधायक निर्वाचित हुए थे। वहीं, उनके पिता रेवती रमण सिंह आठ बार विधायक, दो बार लोकसभा सदस्य और एक बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। इलाहाबाद संसदीय सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से एक शहर दक्षिणी है और बाकी चार यमुनापार के मेजा, कोरांव, बारा और करछना विधानसभा क्षेत्र हैं।
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लोकसभा चुनाव-2024 के लिए इलाहाबाद से कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित किए गए उज्ज्वल रमण सिंह स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के नाम पर मैदान में उतर जा रहे हैं। सियासी घराने और पिता कुंवर रेवती रमण सिंह के राजनैतिक अनुभव ने उन्हें दो बार विधानसभा तक पहुंचाया। उज्जवल के मैदान में उतरने से चुनावी पारा चढ़ गया है और राजनैतिक जानकार मानकर चल रहे हैं कि इस बार टक्कर कांटे की होगी।
उज्ज्वल रमण सिंह वर्ष 2004 के उपचुनाव और वर्ष 2017 के चुनाव में विधायक निर्वाचित हुए थे। वहीं, उनके पिता रेवती रमण सिंह आठ बार विधायक, दो बार लोकसभा सदस्य और एक बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। इलाहाबाद संसदीय सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से एक शहर दक्षिणी है और बाकी चार यमुनापार के मेजा, कोरांव, बारा और करछना विधानसभा क्षेत्र हैं।
यमुनापार में रेवती रमण की पकड़ मजबूत मानी जाती है। वहीं, इस बार कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे उज्ज्वल रमण सिंह भी करछना से सपा के टिकट पर दो बार विधायक निर्वाचन होकर स्थानीय जनता के बीच पकड़ बना चुके हैं। इस पकड़ का ही नतीजा है कि रेवती रमण सिंह के प्रयास से इलाहाबाद के यमुनापार में मेजा और बारा पावर प्रोजेक्ट की स्थापना की जा सकी और प्रयागराज को प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की सौगात मिली।
रेवती रमण सिंह के सांसद रहते स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल को ट्रामा सेंटर के लिए 150 करोड़ रुपये मिले थे। तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और गुलाम नबी आजाद स्वास्थ्य मंत्री थे। केंद्र ने 125 करोड़ और प्रदेश की अखिलेश सरकार ने 25 करोड़ रुपये दिए थे। चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व में किए गए विकास कार्य ही कांग्रेस का मुख्य हथियार होंगे।
उज्ज्वल रमण सिंह का कहना है कि नैनी में इंटीग्रेटेड टाउनशिप भी उन्हीं की देन है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के क्षेत्र में जो काम उन्होंने किया, वह भाजपा की डबल इंजन की सरकार नहीं कर सकी। सरकार बताए कि पिछले दस वर्षों में यमुनपार के लोगों को क्या दिया। कांग्रेस विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। जनता का भरोसा उनके साथ है।