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इलाहाबाद लोकसभा : इंदिरा हटाओ पर भारी पड़ा गरीबी हटाओ का नारा, बहुगुणा ने कांग्रेस के टिकट पर जीता था चुनाव
Mon, 01 Apr 2024 05:18 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 01 Apr 2024 05:18 PM IST
सार
1969 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा गया गया था। तब उन पर पार्टी ने अनुशासन के उल्लंघन का आरोप लगाया था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने नई पार्टी कांग्रेस (आर) बनाई। वहीं, दूसरी ओर अन्य कांग्रेसी नेताओं ने कांग्रेस (ओ) का नेतृत्व किया। तब कांग्रेस (ओ) ने इंदिरा हटाओ का नारा दिया, जबकि कांग्रेस आई ने ‘ गरीबी हटाओ’ का नारा दिया।
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इंदिरा गांधी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आजाद भारत के पांचवें आम चुनाव ने देश में चुनावी प्रक्रिया की रूप-रेखा बदल दी थी। उस दौरान लोकसभा चुनाव 1971 में इंदिरा गांधी की राजनीतिक शक्ति को देश ने देखा था। तब कांग्रेस में दो फाड़ हो चुकी थी। उस चुनाव में पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू के सारे पुराने दोस्त उनकी बेटी इंदिरा के खिलाफ थे। चुनावी मैदान में एक तरफ इंदिरा की नई कांग्रेस और दूसरी तरफ पुराने बुजुर्ग कांग्रेसी नेताओं की कांग्रेस (ओ) थी। इसी चुनाव में इलाहाबाद संसदीय सीट से हेमवती नंदन बहुगुणा ने चुनाव लड़ा और उन्होंने एक तरफा जीत हासिल की।
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1969 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा गया गया था। तब उन पर पार्टी ने अनुशासन के उल्लंघन का आरोप लगाया था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने नई पार्टी कांग्रेस (आर) बनाई। वहीं, दूसरी ओर अन्य कांग्रेसी नेताओं ने कांग्रेस (ओ) का नेतृत्व किया। तब कांग्रेस (ओ) ने इंदिरा हटाओ का नारा दिया, जबकि कांग्रेस आई ने ‘ गरीबी हटाओ’ का नारा दिया।
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इस नारे ने उस चुनाव में कमाल मचा दिया। वरिष्ठ नेता नरेंद्र देव पांडेय बताते हैं कि इंदिरा गांधी गरीबी हटाओ नारे की बदौलत फिर से सत्ता में आ गईं। उस चुनाव में भारतीय जनसंघ ने भी देशभर में 22 सीटें जीतीं। हालांकि, कांग्रेस को इस चुनाव में ज्यादा फायदा हुआ। इलाहाबाद संसदीय सीट से हेमवती नंदन बहुगुणा को जहां 142886 मत मिले तो वहीं कांग्रेस (ओ) के प्रत्याशी मंगला प्रसाद को इस सीट से 46998 मत ही मिले।
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बदले चिह्न से लड़ा इंदिरा ने लड़ा चुनाव
यह पहला चुनाव था, जब आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस पार्टी (कांग्रेस आर व कांग्रेस ओ) दो भागों में बंटी थी। इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी का चुनाव चिह्न गाय का दूध पीता बछड़ा था। वहीं, कांग्रेस ओ का चुनाव चिह्न चरखा चला रही महिला था।
1971 लोकसभा चुनाव का परिणाम
प्रत्याशी का नाम : पार्टी का नाम : कुल मत : मत प्रतिशत
हेमवती नंदन बहुगुणा : कांग्रेस आर : 142886 : 58.84
मंगला प्रसाद : कांग्रेस ओ : 46998 : 19.35
प्रेम चंद्र : बीकेडी : 13152 : 5.42
बृज नारायण : एचएमएस : 11742 : 4.84
चंद्रमान : निर्दलीय : 7046 : 2.90
जयपाल सिंह कश्यप : आरपीए : 5750 : 2.37
बदीउद्दीन : निर्दलीय : 5450 : 2.24
इंदु देव : निर्दलीय : 4575 : 1.88
सत्य नारायण : निर्दलीय : 2412 : 0.99
कृष्णा कुमार : निर्दलीय : 1832 : 0.75
रतन सिंह रायजादा : निर्दलीय : 998 : 0.41
यह पहला चुनाव था, जब आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस पार्टी (कांग्रेस आर व कांग्रेस ओ) दो भागों में बंटी थी। इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी का चुनाव चिह्न गाय का दूध पीता बछड़ा था। वहीं, कांग्रेस ओ का चुनाव चिह्न चरखा चला रही महिला था।
1971 लोकसभा चुनाव का परिणाम
प्रत्याशी का नाम : पार्टी का नाम : कुल मत : मत प्रतिशत
हेमवती नंदन बहुगुणा : कांग्रेस आर : 142886 : 58.84
मंगला प्रसाद : कांग्रेस ओ : 46998 : 19.35
प्रेम चंद्र : बीकेडी : 13152 : 5.42
बृज नारायण : एचएमएस : 11742 : 4.84
चंद्रमान : निर्दलीय : 7046 : 2.90
जयपाल सिंह कश्यप : आरपीए : 5750 : 2.37
बदीउद्दीन : निर्दलीय : 5450 : 2.24
इंदु देव : निर्दलीय : 4575 : 1.88
सत्य नारायण : निर्दलीय : 2412 : 0.99
कृष्णा कुमार : निर्दलीय : 1832 : 0.75
रतन सिंह रायजादा : निर्दलीय : 998 : 0.41