इविवि में दीक्षांत की भूमिका तैयार करेगा बीएचयू
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय का शताब्दी दीक्षांत समारोह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लिए भी यादगार पल लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस समारोह में बतौर कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी की मौजूदगी को शिक्षकों ने उत्साहजनक बताया। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि प्रोफेसर त्रिपाठी की यह मौजूदगी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की परंपरा शुरू करने का आधार तैयार करेगी। साथ ही विश्वविद्यालय बीएचयू की तर्ज पर आगे बढ़ेगा।
बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी यहां अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। साथ में इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष रहे। रसायन विभाग के प्रोफेसर एके श्रीवास्तव का कहना है किसी भी संस्थान के शताब्दी समारोह का विशेष महत्व होता है। उसका आयोजन प्रोफेसर त्रिपाठी की अगुवाई में होना गौरव बढ़ाने वाला है। अध्यापक संघ के महामंत्री डॉ.एसएम प्रसाद ने कहा कि बीएचयू जैसे संस्थान के शताब्दी दीक्षांत समारोह में उनकी मौजूदगी गौरव की बात है। दीक्षांत समारोह का आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी होना चाहिए। उम्मीद है विश्वविद्यालय में यह परंपरा शुरू होने के साथ इसका पुराना गौरव भी वापस होगा।
बीएचयू के कुलपति तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर जीसी त्रिपाठी को फैजाबाद के राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय की ओर से डीलिट की मानद उपाधि से नवाजा जाएगा। विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रामनाईक के हाथों उन्हें यह उपाधि प्रदान की जाएगी। प्रोफेसर त्रिपाठी उसमें बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।