वकीलों को न्यौता देने खुद पहुंचे चीफ जस्टिस
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की 150 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 13 मार्च को आयोजित होने जा रहे समारोह में शिरकत को लेकर चल रही ऊहापोह की स्थिति को समाप्त करते हुए मुख्य न्यायाधीश डा. डीवाई चंद्रचूड ने सभी वकीलों को कार्यक्रम में आने का न्यौता दिया है। चीफ जस्टिस सोमवार को दिन में स्वयं लाइब्रेरी हॉल पहुंचे। उनके साथ अन्य तमाम न्यायमूर्तिगण भी थे। न्यायाधीशों ने बार से आग्रह किया कि सभी लोग समारोह में शामिल होकर इसे सफल बनाएं।
जजों की ओर से न्यौता मिलने से बार सदस्यों में काफी खुशी और संतोष देखा। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट प्रशासन ने इससे पूर्व वकीलों की अधिक संख्या को देखते हुए वकीलों की उपस्थिति को सीमित रखने की योजना बनाई थी। इसके तहत सभी से आवेदन के रूप में उनका ब्यौरा मांगा था ताकि शार्टलिस्ट करके पास जारी किया जा सके। इस योजना से वकीलों में मायूसी के साथ ही नाखुशी भी थी। अधिवक्ता सशंकित थे कि पता नहीं उनको कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा या नहीं। इस ऊहापोह की स्थिति को समाप्त करते हुए चीफ जस्टिस ने सभी को आमंत्रित किया है। बार के अध्यक्ष राधाकांत ओझा और महासचिव अशोक कुमार सिंह सहित सभी पदाधिकारियों ने इसका स्वागत किया है। इस अवसर पर न्यायमूर्ति दिनेश महेश्वरी को मेघालय हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने पर बार ने उनको अंगवस्त्रम और स्मिृति चिन्ह भेंटकर विदाई दी।
हाईकोर्ट की स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति प्रवण मुखर्जी सहित देश की तमाम जानीमानी हस्तियों के शिरकत करने की चर्चा है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति तथा देश के दूसरे उच्च न्यायालयोें से भी मुख्य न्यायमूर्तिगण के सम्मिलित होने की उम्मीद है। समारोह को भव्य बनाने के लिए पूरे हाईकोर्ट को सजाया संवारा जा रहा है। महीनों से चल रहे इस कार्य को अब अंतिम रूप देने की तैयारी है। हाईकोर्ट के आसपास की सड़कों की मरम्मत से लेकर सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभों का हटाने और चौराहों की सजावट का कार्य जोरों पर है। समारोह तक हाईकोर्ट और उसके आसपास का पूरा इलाका अत्यंत भव्य रूप में आ जाएगा। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।