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Allahabad Highcourt News: सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में हर जिले का अलग मानक क्यों
Wed, 26 Aug 2020 07:48 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 26 Aug 2020 07:48 PM IST
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Allahabad High Court
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग से पूछा है कि सहायक अध्यापकों की भर्ती को लेकर हर जिले में अलग-अलग मानक क्यों अपनाएं जा रहे हैं। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक उप्र से इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
जम्मू-कश्मीर विश्वविद्यालय से एलिमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स डिप्लोमा धारकों को कुछ जिलों में वैध मानते हुए नियुक्ति की गई है और शामली बीएसए ने डिप्लोमा को अमान्य कर नियुक्ति देने से इंकार कर दिया है। जिसे चुनौती दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने शामली की शालू शर्मा व अन्य की याचिका पर दिया है ।
याची का कहना है कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में शामिल याचियों की काउंसिलिंग की गई किंतु नियुक्ति नहीं दी गई । हाईकोर्ट ने बीएसए शामली को निर्णय लेने का निर्देश दिया तो उन्होंने यह कहते हुए नियुक्ति देने से इंकार कर दिया कि जम्मू-कश्मीर में एनसीटीई के नियम लागू नहीं होते, जिसे चुनौती दी गई है।
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याची का कहना है कि अब जम्मू-कश्मीर में भी एनसीटीई के नियम लागू हैं। ऐसे डिप्लोमा धारकों को कुछ जिलों में वैध मानते हुए नियुक्ति की गई है और वे कार्यरत हैं। कोर्ट ने जवाब मांगा तो बीएसए शामली ने हलफनामा दाखिल किया। उन्हें ऐसे डिप्लोमा धारकों की नियुक्ति की जानकारी ही नहीं है।
कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि एक ही भर्ती में अलग-अलग जिलों में नियुक्ति प्रक्रिया भिन्न कैसे है। इस पर बेसिक शिक्षा निदेशक से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी। कोर्ट ने कहा है कि यदि हलफनामा दाखिल नहीं हुआ तो कोर्ट निदेशक को तलब करेगी।
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जम्मू-कश्मीर विश्वविद्यालय से एलिमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स डिप्लोमा धारकों को कुछ जिलों में वैध मानते हुए नियुक्ति की गई है और शामली बीएसए ने डिप्लोमा को अमान्य कर नियुक्ति देने से इंकार कर दिया है। जिसे चुनौती दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने शामली की शालू शर्मा व अन्य की याचिका पर दिया है ।
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याची का कहना है कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में शामिल याचियों की काउंसिलिंग की गई किंतु नियुक्ति नहीं दी गई । हाईकोर्ट ने बीएसए शामली को निर्णय लेने का निर्देश दिया तो उन्होंने यह कहते हुए नियुक्ति देने से इंकार कर दिया कि जम्मू-कश्मीर में एनसीटीई के नियम लागू नहीं होते, जिसे चुनौती दी गई है।
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याची का कहना है कि अब जम्मू-कश्मीर में भी एनसीटीई के नियम लागू हैं। ऐसे डिप्लोमा धारकों को कुछ जिलों में वैध मानते हुए नियुक्ति की गई है और वे कार्यरत हैं। कोर्ट ने जवाब मांगा तो बीएसए शामली ने हलफनामा दाखिल किया। उन्हें ऐसे डिप्लोमा धारकों की नियुक्ति की जानकारी ही नहीं है।
कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि एक ही भर्ती में अलग-अलग जिलों में नियुक्ति प्रक्रिया भिन्न कैसे है। इस पर बेसिक शिक्षा निदेशक से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी। कोर्ट ने कहा है कि यदि हलफनामा दाखिल नहीं हुआ तो कोर्ट निदेशक को तलब करेगी।