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Allahabad Highcourt: विवाहिता पुत्री को आश्रित कोटे में नियुक्ति पर विचार का निर्देश
Wed, 01 Dec 2021 11:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:28 PM IST
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allahabad highcourt
- फोटो : social media
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर लेवल-1 पारीछा थर्मल पावर प्रोजेक्ट झांसी को याची की मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति पर तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने गुंजन आर्या की याचिका पर दिया है।
याची का कहना था कि उसके पिता जगदीश सिंह थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सहायक एकाउंटेंट थे, जिनकी 5 दिसंबर 20 को मृत्यु हो गई। याची ने आश्रित कोटे में नियुक्ति की अर्जी दी। चीफ इंजीनियर ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि याची शादीशुदा है। परिवार में शामिल नहीं है, जिसे चुनौती दी गई।
याची का कहना था कि विमला श्रीवास्तव केस में कोर्ट ने कहा है कि विवाहिता पुत्री भी विवाहित पुत्र की तरह मृतक आश्रित कानून के दायरे में आती है। कोर्ट ने चीफ इंजीनियर के आदेश को रद्द कर दिया है तथा नए सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। संवाद
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याची का कहना था कि उसके पिता जगदीश सिंह थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सहायक एकाउंटेंट थे, जिनकी 5 दिसंबर 20 को मृत्यु हो गई। याची ने आश्रित कोटे में नियुक्ति की अर्जी दी। चीफ इंजीनियर ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि याची शादीशुदा है। परिवार में शामिल नहीं है, जिसे चुनौती दी गई।
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याची का कहना था कि विमला श्रीवास्तव केस में कोर्ट ने कहा है कि विवाहिता पुत्री भी विवाहित पुत्र की तरह मृतक आश्रित कानून के दायरे में आती है। कोर्ट ने चीफ इंजीनियर के आदेश को रद्द कर दिया है तथा नए सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। संवाद
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