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ट्रांसफार्मर सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का आदेश रद्द
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- फोटो : AU Logo
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ट्रांसफार्मर सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का आदेश रद्द
0 नए सिरे से सुनवाई कर आदेश जारी करने की बिजली विभाग को छूट
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बिजली विभाग को ट्रांसफार्मर की सप्लाई करने वाली कंपनी मेसर्स ट्रांसकॉन इंडस्ट्रीज को ब्लैक लिस्ट करने का मुख्य अभियंता दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने विभाग को छूट दी है कि वह नए सिरे से कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर और उसका पक्ष सुनने के बाद कार्यवाही कर सकती है। मेसर्स ट्रांसकॉन की याचिका पर न्यायमूर्ति रामसूरत राम मौर्या और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ ने सुनवाई की।
याची कंपनी का कहना था कि याची ने 11 अगस्त 2016 को हुए अनुबंध के आधार पर 915 ट्रांसफार्मरों की सप्लाई की थी। इसके बाद छह मई 2019 को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने उसे नोटिस जारी कर सूचित किया कि सप्लाई किए गए ट्रांसफार्मर करार के मुताबिक गुणवत्ता के नहीं पाए गए। याची को यह नहीं बताया कि उसके द्वारा सप्लाई किए गए ट्रांसफार्मर में क्या कमी पाई गई है। उसने संक्षिप्त जवाब दाखिल किया इसके बाद उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। कोर्ट ने याची कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के 23 मई के आदेश को रद्द करते हुए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को आदेश दिया है कि वह चाहे तो नए सिरे से नोटिस जारी कर याची का पक्ष सुनने के बाद आदेश जारी कर सकता है।
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ट्रांसफार्मर सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का आदेश रद्द
0 नए सिरे से सुनवाई कर आदेश जारी करने की बिजली विभाग को छूट
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बिजली विभाग को ट्रांसफार्मर की सप्लाई करने वाली कंपनी मेसर्स ट्रांसकॉन इंडस्ट्रीज को ब्लैक लिस्ट करने का मुख्य अभियंता दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने विभाग को छूट दी है कि वह नए सिरे से कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर और उसका पक्ष सुनने के बाद कार्यवाही कर सकती है। मेसर्स ट्रांसकॉन की याचिका पर न्यायमूर्ति रामसूरत राम मौर्या और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ ने सुनवाई की।
याची कंपनी का कहना था कि याची ने 11 अगस्त 2016 को हुए अनुबंध के आधार पर 915 ट्रांसफार्मरों की सप्लाई की थी। इसके बाद छह मई 2019 को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने उसे नोटिस जारी कर सूचित किया कि सप्लाई किए गए ट्रांसफार्मर करार के मुताबिक गुणवत्ता के नहीं पाए गए। याची को यह नहीं बताया कि उसके द्वारा सप्लाई किए गए ट्रांसफार्मर में क्या कमी पाई गई है। उसने संक्षिप्त जवाब दाखिल किया इसके बाद उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। कोर्ट ने याची कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के 23 मई के आदेश को रद्द करते हुए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को आदेश दिया है कि वह चाहे तो नए सिरे से नोटिस जारी कर याची का पक्ष सुनने के बाद आदेश जारी कर सकता है।
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