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Allahabad High Court : कर्मचारियों को जीवन रक्षक उपकरण दिए बगैर नालों की सफाई पर सरकार से मांगा जवाब
Tue, 07 Jun 2022 02:24 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 07 Jun 2022 02:24 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने इस मामले को पिछले हफ्ते स्वत: संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया था कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि प्रयागराज जैसी घटना उत्तर प्रदेश में कहीं और न हो। कोर्ट ने इस मामले का तब संज्ञान लिया।
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Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज समेत प्रदेश के अन्य जिलों में बिना मास्क, हैंड ग्लव्स व अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के नालों की सफाई के काम में कर्मचारियों को लगाने के मामले की जानकारी सरकार से हलफनामे पर दाखिल करने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई मंगलवार को फिर होगी।
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हाईकोर्ट ने इस मामले को पिछले हफ्ते स्वत: संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया था कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि प्रयागराज जैसी घटना उत्तर प्रदेश में कहीं और न हो। कोर्ट ने इस मामले का तब संज्ञान लिया, जब मीडिया रिपोर्ट में यह पाया कि प्रयागराज में नालों की सफाई के दौरान कर्मचारियों को बिना किसी प्रकार के मास्क अथवा हैंड ग्लव्स दिए नालों में उतार दिया गया है। कोर्ट ने इस संबंध में जानकारी देने को कहा था। सोमवार को जब सुनवाई शुरू हुई तो सरकारी अधिवक्ता ने रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने उसे हलफनामे पर दाखिल करने को कहा और सुनवाई के लिए 7 जून की तिथि निर्धारित कर दी।
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इससे पहले मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार, नगर निगम को नोटिस जारी कर सुना था। कोर्ट का कहना था कि नालों की सफाई के लिए सरकार की बनी नीतियों व शासनादेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। यह आदेश चीफ जस्टिस राजेश बिंदल व जस्टिस जेजे मुनीर की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कायम की गई जनहित याचिका पर पारित किया था।
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