फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad High Court orders Court cannot decide the needs of landlord

इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश, कोर्ट नहीं तय कर सकती मकान मालिक की जरूरतें

Thu, 05 Sep 2019 05:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 05 Sep 2019 05:10 AM IST
विज्ञापन
Allahabad High Court orders Court cannot decide the needs of landlord
इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किरायेदारी विवाद के एक मामले में कहा है कि मकान मालिक को अपना मकान ध्वस्त कर नियमानुसार अपनी जरूरत और मर्जी के मुताबिक पुनर्निर्माण कराने का विधिक अधिकार है। कोर्ट उसकी जरूरत निर्धारित नहीं कर सकती। 

विज्ञापन


मुजफ्फरनगर के बाग केशव दास में बने कामर्शियल कांप्लेक्स के किरायेदार सुरेंद्र सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने यह आदेश दिया है।

हाईकोर्ट ने कहा है कि किरायेदार ने मकान मालिक के कामर्शियल शॉप में भूतल पर दुकान का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है तो वह कांप्लेक्स के सामने अवरोध बनी दुकान खाली करने से इंकार नहीं कर सकता। 
विज्ञापन


कोर्ट ने निचली अदालत के मकान मालिक की जरूरत के साक्ष्यपरक तथ्यात्मक निष्कर्ष पर हस्तक्षेप से इंकार कर दिया और उसके खिलाफ दाखिल किरायेदार की याचिका पांच हजार रुपये के हर्जाने के साथ खारिज कर दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा है कि यदि जमीन व्यावसायिक महत्व की है तो मकान मालिक एक मंजिल पुराने भवन को ध्वस्त कर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बना सकता है। वह नक्शा पास कराकर ऊंची दर पर दुकानें उठा सकता है। कोर्ट मकान मालिक को व्यवसाय विशेष के लिए निर्देश नहीं दे सकती। 


वह अपनी मर्जी से व्यावसायिक या रिहायशी भवन बना सकता है और अपनी मर्जी का व्यवसाय कर सकता है। किरायेदार मकान मालिक की जरूरतों की शर्त तय नहीं कर सकता। हाईकोर्ट केवल अधीनस्थ प्राधिकारी द्वारा अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश देने, या तथ्यों के निष्कर्ष में विरोधाभास की स्थिति में ही हस्तक्षेप कर सकता है। 

याची ने मकान मालिक आलोक स्वरूप और अन्य के खिलाफ  किरायेदारी वाद कायम किया था। निचली अदालतों से हारने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed