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रद्द कानून से ग्राम प्रधान को हटाने के आदेश पर रोक
Tue, 01 Sep 2020 09:07 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 01 Sep 2020 09:07 PM IST
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न्यायालय
- फोटो : file photo
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस्ती जिले की टिकरिया रिक्खीपुर की ग्राम प्रधान अंजू देवी को रद्द हो चुके पुराने कानून के आधार पर पद से हटाने के डीएम बस्ती के आदेश पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने अंजू देवी की याचिका पर दिया है ।
याची अधिवक्ता महेश शर्मा का तर्क था कि पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1) जी (!!!) को कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित कर दिया है। इस धारा के तहत डीएम को ग्राम प्रधान को पद से हटाने का आदेश देने का अधिकार नहीं है। दूसरे जिला स्तरीय जाति स्क्रूटनी कमेटी ने गुलाब सिंह की शिकायत पर याची का जाति प्रमाणपत्र पत्र निरस्त कर दिया था, जिसे डिविजनल लेबल जाति स्क्रूटनी कमेटी ने रद्द कर दिया है और जिला स्तरीय जाति स्क्रूटनी कमेटी को जांच कर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद तहसीलदार हरैया की रिपोर्ट को आधार लेकर डीएम ने विधि विरुद्ध आदेश पारित किया है। जो अवैध है।
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याची अधिवक्ता महेश शर्मा का तर्क था कि पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1) जी (!!!) को कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित कर दिया है। इस धारा के तहत डीएम को ग्राम प्रधान को पद से हटाने का आदेश देने का अधिकार नहीं है। दूसरे जिला स्तरीय जाति स्क्रूटनी कमेटी ने गुलाब सिंह की शिकायत पर याची का जाति प्रमाणपत्र पत्र निरस्त कर दिया था, जिसे डिविजनल लेबल जाति स्क्रूटनी कमेटी ने रद्द कर दिया है और जिला स्तरीय जाति स्क्रूटनी कमेटी को जांच कर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद तहसीलदार हरैया की रिपोर्ट को आधार लेकर डीएम ने विधि विरुद्ध आदेश पारित किया है। जो अवैध है।
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