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Allahabad High Court : मैनपुरी में नवोदय विद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म और हत्या मामले में संदिग्धों की डीएनए टेस्ट रिपोर्ट तलब

Mon, 18 Oct 2021 08:14 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 18 Oct 2021 08:14 PM IST
सार

जांच की धीमी प्रगति पर जताया असंतोष, राज्य सरकार ने सील बंद लिफाफे में पेश की प्रगति रिपोर्ट

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Allahabad High Court: In the rape and murder case of Navodaya Vidyalaya student in Mainpuri, the DNA test report of the suspects has been summoned.
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी में जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा के दुष्कर्म-हत्याकांड मामले में जांच की धीमी प्रगति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने असंतोष जताया है। सोमवार को कोर्ट में राज्य सरकार की तरफ से विवेचना की सील बंद लिफाफे में प्रगति रिपोर्ट पेश की गई।
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जनहित याचिका की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने प्रगति रिपोर्ट से असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश के 20 दिन बाद संदिग्ध 170 लोगों का सैंपल डीएनए जांच के लिए लिया गया। कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई की तिथि 25 अक्तूबर तक डीएनए रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कहा कि यदि ऐसा नहीं होता तो डीजीपी कोर्ट में हाजिर हों। याचिका की सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी। मामले की विवेचना विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है। 
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 मैनपुरी में दो साल पहले भोगांव के विद्यालय में छात्रा का शव फंदे पर लटका मिला था। मामले में तत्कालीन प्रधानाचार्य, वार्डन, एक छात्र और एक अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। नवंबर में  जांच में छात्रा के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसपी और डीएम को हटा दिया गया था।
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आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई थी, परंतु एसआईटी भी मामले में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। जिस पर हाईकोर्ट ने बीते 15 सितंबर को डीजीपी को तलब किया था। जवाब से नाराजगी जताते हुए डीजीपी को एक दिन के लिए प्रयागराज में ही रोक लिया गया था।


16 सितंबर को हाईकोर्ट ने मामले की जांच छह हफ्ते में पूरा करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद एडीजी कानपुर भानू भाष्कर के नेतृत्व में नई एसआईटी गठित की गई है, जो जांच में जुटी है। सोमवार को एसआईटी ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। जांच की धीमी गति पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की।
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