Allahabad High Court : अंबेडकर भवन में राज्य विधि अधिकारियों- कर्मचारियों का प्रवेश प्रतिबंधित, मुकदमों की सुनवाई रहेगी प्रभावित
भवन में प्रवेश वर्जित होने के नाते किसी भी प्रकार की कोई भी सरकारी फाइल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाई कोर्ट की फोटो में नहीं भेजी गई। सरकारी पक्ष के इस निर्णय के कारण आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई में परेशानी हुई।
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महाधिवक्ता कार्यालय अंबेडकर भवन में लगी भीषण आग के चलते सोमवार इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई प्रभावित रही। महाधिवक्ता कार्यालय में सुरक्षा कारणों के चलते आज किसी भी सरकारी वकील अथवा अधिकारी या कर्मचारी का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित कर दिया गया है।
भवन में प्रवेश वर्जित होने के नाते किसी भी प्रकार की कोई भी सरकारी फाइल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाई कोर्ट की फोटो में नहीं भेजी गई। सरकारी पक्ष के इस निर्णय के कारण आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई में परेशानी हुई।
महाधिवक्ता कार्यालय अंबेडकर भवन में प्रवेश वर्जित करने का वजह यह है कि जब तक टेक्निकल एक्सपर्ट अपनी राय बिल्डिंग में प्रवेश की सुरक्षा को लेकर नहीं आ जाता तब तक किसी का भी, चाहे वह कर्मचारी हो अथवा अधिकारी प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।
सरकारी वकीलों से कहा गया है कि वे अपने अपने निर्धारित न्याय कक्ष में सुबह 10:00 बजे पहुंच जाएं और कोर्ट की कार्यवाही में शामिल हो। यह भी कहा गया है कि वे कोर्ट द्वारा पारित आदेश को पेपरों पर नोट करें ताकि आगे चलकर उस आदेश को अमल में लाया जाए।
हाईकोर्ट महाधिवक्ता कार्यालय में आग लगने के मामले में सीएम की ओर से गठित पांच सदस्यीय टीम ने 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। जिलाधिकारी संजय खत्री की ओर से रिपोर्ट को शासन को भेज दिया गया है। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया शार्ट सर्किट से ही आग लगने की संभावना जताई गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यालय में एसी, कूलर, पंखा, बल्ब, ट्यूब लाइट, व एलईडी बल्ब को चालू हालत में छोड़ दिया गया था। लगातार चालू रहने के कारण केबिल के गर्म होकर आग लगने की संभवना जताई गई है। नौ मंजिले इस भवन के तल संख्या 6, 7,8 व 9 की सीढ़ियों और गैलरियों में फाइलें अव्यवस्थित तरीके से रखी गई थीं। जिसके कारण और दिक्कत हुई और आग बुझाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।