कोरोना से निपटने में सरकारी प्रयासों से संतुष्ट नहीं हाईकोर्ट, मुख्य सचिव से पूछा- कैसे कराएंगे गाइड लाइन का पालन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप पर रोडमैप पेश न कर पाने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत किए गए जवाब पर असंतोष जताते हुए उनको एक दिन का समय और दिया है।
कोर्ट ने ठोस कदम न उठाने पर सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि मुख्य सचिव द्वारा दाखिल हलफनामे में कोविड 19 की राष्ट्रीय गाइडलाइन एक व दो के पालन के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। मुख्य सचिव को और एक दिन का समय देते हुए पूछा है कि सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क पहनने के नियम का पालन कैसे कराएंगे। याचिका की सुनवाई दो सितंबर को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने क्वारंटीन सेंटरों की दुर्दशा व अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधाओं को लेकर कायम जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि लोग सोशल डिस्टेसिंग व मास्क पहनने का पालन नहीं कर रहे हैं।
सरकार क्या कदम उठाएगी, जिससे ऐसे लोगों पर असर पड़े और लोग गाइडलाइन का पालन करने लगें। कोर्ट ने वार्डों में गाइडलाइन का पालन कराने में सभासदों की सहायता के लिए जिलाधिकारी प्रयागराज के आदेश को संतोषजनक नहीं माना और सभासदों को इस संबंध में जारी आदेश कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।