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Allahabad High Court : सुनवाई में देरी से पहुंचे पुलिस कमिश्नर ने मांगी माफी, तब टली गृह सचिव की पेशी

Thu, 30 Nov 2023 09:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 30 Nov 2023 09:10 PM IST
सार

पुलिस कमिश्नर के उपस्थित होने के बाद कोर्ट ने गृह सचिव को तलब करने के आदेश को टालते हुए मामले की सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तिथि तय की है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने सैफ अली खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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Allahabad High Court adjourns home secretary appearance after police commissioner apologises for delay
अदालत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गो हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को गृह सचिव उत्तर प्रदेश की पेशी का आदेश पारित करने के बाद पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा के आग्रह पर इसे टाल दिया। पुलिस कमिश्नर मामले की सुनवाई पर देरी से पहुंचे थे। तब तक कोर्ट अपना आदेश पारित कर चुकी थी और गृह सचिव को तलब करते हुए सुनवाई के लिए 12 दिसंबर की तिथि तय कर दी थी।

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पुलिस कमिश्नर के उपस्थित होने के बाद कोर्ट ने गृह सचिव को तलब करने के आदेश को टालते हुए मामले की सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तिथि तय की है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने सैफ अली खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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दरअसल, याची ने अपने खिलाफ 2019 में दर्ज हुए मुकदमे में हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर रखी है। कोर्ट ने मामला सामने आने के बाद पुलिस की विवेचना पर सवाल खड़े किए। कहा कि गो हत्या के मामले में पुलिस चार साल में विवेचना ही नहीं कर सकी। कोर्ट ने इसे लापरवाही माना और पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को तलब करते हुए चार सालों में गो हत्या के मामलों में दर्ज प्राथमिकी में हो रही जांच की प्रगति रिपोर्ट हलफनामे पर प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
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कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर पुलिस कमिश्नर उपस्थित नहीं होते हैं तो गृह सचिव को इस मामले की पूरी रिपोर्ट लेकर उपस्थित होना होगा। बृहस्पतिवार को जब सुनवाई शुरू हुई तो याची अधिवक्ता की दलील और कोर्ट में मौजूद अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद आदेश पारित कर दिया गया।

कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि 17 नवंबर 2023 के आदेश के क्रम में पुलिस कमिश्नर प्रयागराज उपस्थित नहीं हुए और न ही उनके द्वारा कोई शपथपत्र दाखिल किया गया। इस स्थिति में गृह सचिव उत्तर प्रदेश अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों। ऐसा न करने पर कोर्ट उनके खिलाफ आदेश पारित करेगी।


कोर्ट का आदेश पारित होने के बाद पुलिस कमिश्नर अपने शपथपत्र के साथ उपस्थित हुए। उन्होंने गृह सचिव को तलब करने के आदेश को वापस लेने की मांग की। इस पर कोर्ट ने गृह सचिव को तलब करने का आदेश वापस ले लिया और सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तिथि तय कर दी।

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