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अलीगढ़ : तारिक हत्याकांड में विनय वार्ष्णेय की जमानत खारिज
Sat, 21 Nov 2020 09:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 21 Nov 2020 09:09 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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अलीगढ़ के तारिक हत्याकांड के आरोपी विनय वार्ष्णेय की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने मृतक के बयान और अन्य साक्ष्यों को देखते हुए कहा है कि इस मामले में आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आधार नहीं है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि इस मुकदमे का विचारण शीघ्रता से एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाए। वार्ष्णेय की जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने सुनवाई की।
याची का कहना था कि मृतक तारिक घटना के समय सड़क पर हो रहे प्रदर्शन को देख रहा था। भीड़ में से किसी ने गोली चला दी जो उसे लगी और बाद में उसकी अस्पताल में मौत हो गई। इसमें याची की कोई भूमिका नहीं है, उसे झूठा फंसाया गया है।
जबकि सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि हत्या की घटना की वीडियो रिकार्डिंग मौजूद है। जिसमें गोली चलाने वाले व्यक्ति की पहचान विनय वार्ष्णेय के रूप में हुई है। इसके अलावा तारिक की गोली लगने के 13 दिन बाद अस्पताल में मौत हुई है। उसने अपने बयान में विनय वार्ष्णेय का नाम लिया है। उसके बयान को मृत्यु कालिक कथन माना जाए।
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घटना 23 फरवरी 2020 की कोतवाली नगर थाना क्षेत्र की है। शिकायतकर्ता सारिक ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उस दिन शाम को करीब साढ़े पांच बजे वह अपनी बालकनी पर अपने भाइयों तारिक और आमिर खड़ा होकर सड़क पर चल रहे एक प्रदर्शन को देख रहा था। उसी समय विनय वार्ष्णेय सह अभियुक्त सुरेंद्र और त्रिलोकी के साथ मौजूद था। उन लोगों को वीडियो बनाता देखकर उसने गालियां देनी शुरू कर दी और फायर झोंक दिया। गोली तारिक के सीने में लगी। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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याची का कहना था कि मृतक तारिक घटना के समय सड़क पर हो रहे प्रदर्शन को देख रहा था। भीड़ में से किसी ने गोली चला दी जो उसे लगी और बाद में उसकी अस्पताल में मौत हो गई। इसमें याची की कोई भूमिका नहीं है, उसे झूठा फंसाया गया है।
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जबकि सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि हत्या की घटना की वीडियो रिकार्डिंग मौजूद है। जिसमें गोली चलाने वाले व्यक्ति की पहचान विनय वार्ष्णेय के रूप में हुई है। इसके अलावा तारिक की गोली लगने के 13 दिन बाद अस्पताल में मौत हुई है। उसने अपने बयान में विनय वार्ष्णेय का नाम लिया है। उसके बयान को मृत्यु कालिक कथन माना जाए।
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घटना 23 फरवरी 2020 की कोतवाली नगर थाना क्षेत्र की है। शिकायतकर्ता सारिक ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उस दिन शाम को करीब साढ़े पांच बजे वह अपनी बालकनी पर अपने भाइयों तारिक और आमिर खड़ा होकर सड़क पर चल रहे एक प्रदर्शन को देख रहा था। उसी समय विनय वार्ष्णेय सह अभियुक्त सुरेंद्र और त्रिलोकी के साथ मौजूद था। उन लोगों को वीडियो बनाता देखकर उसने गालियां देनी शुरू कर दी और फायर झोंक दिया। गोली तारिक के सीने में लगी। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।