Akshay Tritiya : बन रहा विशेष योग, 19 व 20 अप्रैल को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया 19 और 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, तप और शुभ कार्यों का फल अक्षय यानि कभी समाप्त नहीं होता है।
विस्तार
अक्षय तृतीया 19 और 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, तप और शुभ कार्यों का फल अक्षय यानि कभी समाप्त नहीं होता है।ज्योतिष कावेरी मुकर्जी के अनुसार उदया तिथि होने से यह पर्व दोनों दिन प्रभावी रहेगा। जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
पौराणिक महत्व और अक्षय का अर्थ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम का जन्म, मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण और महाभारत लेखन की शुरुआत हुई थी।
शुभ मुहूर्त और विशेष योग
19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे से तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। पूजा-पाठ करने का शुभ मुहूर्त सुबह 10:49 से 12:20 बजे तक रहेगा। जबकि तृतीया तिथि 20 अप्रैल सुबह 7:49 बजे तक रहेगी। इस दौरान सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशियों में रहेंगे। साथ ही 20 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि, रवि और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है।
बिन मुहूर्त के कर सकते हैं ये कार्य
ज्योतिष कावेरी मुकर्जी के अनुसार अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त है। इस दिन बिना समय देखे विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना, भूमि, वाहन, सोना- चांदी खरीदने जैसे कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन विष्णु - लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
मातंगी जयंती से बढ़ेगा महत्व
20 अप्रैल को मातंगी जयंती मनाई जाएगी। जिसमें मां के मंत्र जाप, कनकधारा स्तोत्र और श्री सूक्त का पाठ सुबह 7:27 बजे से पहले करना होगा।