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यूपी बजट पर अखिलेश यादव बोले- योगी सरकार का यह आखिरी बजट, इसके साथ खेल खत्म, पैसा हजम
Mon, 22 Feb 2021 07:07 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 22 Feb 2021 07:07 PM IST
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी बजट को लेकर योगी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का आखिरी बजट आज पेश हुआ है। यह आखिरी बजट था और इसके बाद मुख्यमंत्री कुछ चाहेंगे तो भी नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि इसके साथ खेल खत्म, पैसा हजम।
उन्होंने कहा कि यह पैसा भाजपा ने कैसे खत्म किया है, वह हम और आप नहीं समझ पाए। हमें तो उम्मीद थी कि जो बजट आएगा, इसमें गरीब के लिए, किसान के लिए कुछ राहत होगी। लेकिन गरीब को वही धोखा मिला जो भाजपा पहले दिन से देते आई है।
साथ ही अखिलेश यादव ने कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की है। कानून किसानों के लिए लाया गया है, लेकिन वह उन्हें नहीं चाहते हैं, ऐसे में कृषकों पर कानूनों को थोपने की क्या जरूरत है?
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अगले वर्ष प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पूर्व अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समाज के कई प्रबुद्ध नेताओं- मनोज पांडेय, विनय पांडेय, बब्बन दूबे, प्रभाकर शर्मा, रुद्र ओझा के समाजवादी पार्टी से जुड़ने का स्वागत किया। इन नेताओं ने सपा प्रमुख को भगवान परशुराम की प्रतिमा भेंट की।
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहाव कि सरकार यह कहती है कि इन पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। यही तो हम भी कह रहे हैं कि आप किसानों को कंपनियों के भरोसे छोड़ दोगे तो किसानों को एमएसपी (फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य) कौन देगा। कल ये कंपनियां हमारे किसानों का सबकुछ खरीद लेंगी तो उसका बाजार में भाव क्या होगा। इसलिए किसान को बाजार पर नहीं छोड़ा जा सकता क्योंकि कीमतें बाजार तय करती हैं।
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उन्होंने कहा कि यह पैसा भाजपा ने कैसे खत्म किया है, वह हम और आप नहीं समझ पाए। हमें तो उम्मीद थी कि जो बजट आएगा, इसमें गरीब के लिए, किसान के लिए कुछ राहत होगी। लेकिन गरीब को वही धोखा मिला जो भाजपा पहले दिन से देते आई है।
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साथ ही अखिलेश यादव ने कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की है। कानून किसानों के लिए लाया गया है, लेकिन वह उन्हें नहीं चाहते हैं, ऐसे में कृषकों पर कानूनों को थोपने की क्या जरूरत है?
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अगले वर्ष प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पूर्व अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समाज के कई प्रबुद्ध नेताओं- मनोज पांडेय, विनय पांडेय, बब्बन दूबे, प्रभाकर शर्मा, रुद्र ओझा के समाजवादी पार्टी से जुड़ने का स्वागत किया। इन नेताओं ने सपा प्रमुख को भगवान परशुराम की प्रतिमा भेंट की।
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहाव कि सरकार यह कहती है कि इन पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। यही तो हम भी कह रहे हैं कि आप किसानों को कंपनियों के भरोसे छोड़ दोगे तो किसानों को एमएसपी (फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य) कौन देगा। कल ये कंपनियां हमारे किसानों का सबकुछ खरीद लेंगी तो उसका बाजार में भाव क्या होगा। इसलिए किसान को बाजार पर नहीं छोड़ा जा सकता क्योंकि कीमतें बाजार तय करती हैं।