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अकबर किलाः शिफ्टिंग पर यूनियनें झुकने को तैयार नहीं
Mon, 17 Jun 2019 01:27 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 17 Jun 2019 01:27 AM IST
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akabar ka kila
- फोटो : प्रयागराज
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ओडी फोर्ट बचाओ संघर्ष समिति ने रविवार को आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया। किले को पूर्णरूपेण सेना से खाली न कराने व असैनिक कर्मचारियों को यमुना किनारे के खाली भवनों व जमीनों पर शिप्ट कराने के मुद्दे पर सोमवार को गेट मीटिंग की सफलता के लिए श्रमिक नेताओं ने संपर्क अभियान चलाया। इंडियन नेशनल डिफेंस वर्कर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ने भी श्रमिकों के इस आंदोलन का समर्थन किया है। वह आई-फोन के जरिए गेट मीटिंग में हिस्सा लेने वाले श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे।
इससे पहले ओडी फोर्ट श्रमिक संघ की ओर से किला व रक्षा भूमि को बचाने के लिए श्रमिक यूनियनों से एकजुटता की अपील की गई। सोमवार को बारादरी के पास होने वाली गेट मीटिंग में एक हजार से अधिक कर्मचारियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। संघ के अध्यक्ष अमित कुमार का कहना था कि श्रमिक यूनियनें भी चाहती हैं कि आम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए किला खोल दिया जाए, लेकिन पूर्ण रूप से सेना हटाने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
दर्शनीय स्थलों को छोड़कर अन्य जगहों पर किले में सेना को यथावत रखने से रक्षाभूमि को अतिक्रमण से बचाया जा सकेगा। इसी तरह अन्य कर्मचारी नेताओं का कहना था कि आयुध भंडार को छिवकी शिफ्ट कराने की योजना से उनको कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन कर्मचारी हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। वर्कशॉप के काम व दफ्तरों के लिए किले के बाहर पर्याप्त जगह है। कर्मचारियों को छिवकी की बजाए, यहीं शिप्ट किया जाए, वरना वह हर स्तर पर संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
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ओडी फोर्ट को सेना केकब्जे से खाली न कराने को लेकर कर्मचारियों की ओर से आंदोलन के एलान के बीच मास्टर जनरल आर्डिनेंस सर्विसेज का किला दौरा स्थगित हो गया है। वह सोमवार को किले का निरीक्षण करने वाले थे। इसके लिए किले में व्यापक तैयारियां की गई थीं, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा स्थगति कर दिया गया।
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इससे पहले ओडी फोर्ट श्रमिक संघ की ओर से किला व रक्षा भूमि को बचाने के लिए श्रमिक यूनियनों से एकजुटता की अपील की गई। सोमवार को बारादरी के पास होने वाली गेट मीटिंग में एक हजार से अधिक कर्मचारियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। संघ के अध्यक्ष अमित कुमार का कहना था कि श्रमिक यूनियनें भी चाहती हैं कि आम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए किला खोल दिया जाए, लेकिन पूर्ण रूप से सेना हटाने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
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दर्शनीय स्थलों को छोड़कर अन्य जगहों पर किले में सेना को यथावत रखने से रक्षाभूमि को अतिक्रमण से बचाया जा सकेगा। इसी तरह अन्य कर्मचारी नेताओं का कहना था कि आयुध भंडार को छिवकी शिफ्ट कराने की योजना से उनको कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन कर्मचारी हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। वर्कशॉप के काम व दफ्तरों के लिए किले के बाहर पर्याप्त जगह है। कर्मचारियों को छिवकी की बजाए, यहीं शिप्ट किया जाए, वरना वह हर स्तर पर संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
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ओडी फोर्ट को सेना केकब्जे से खाली न कराने को लेकर कर्मचारियों की ओर से आंदोलन के एलान के बीच मास्टर जनरल आर्डिनेंस सर्विसेज का किला दौरा स्थगित हो गया है। वह सोमवार को किले का निरीक्षण करने वाले थे। इसके लिए किले में व्यापक तैयारियां की गई थीं, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा स्थगति कर दिया गया।